इलेक्ट्रिक वाहन के नाम पर सब्सिडी का खेला ! जानें सरकार के निशाने पर क्यों कंपनियां

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated May 2, 2023, 07:55 PM IST

Ola, Hero and others electric vehicles on FAME II policy: असल में सरकार फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक (FAME) स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनियों को सब्सिडी देती है। इसमें दो पहिया वाहन और कार के लिए नियम तय किए गए हैं।

Ola, Hero and others electric vehicles are on government radar for FAME-2 policy:सरकार की सख्ती के बाद इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी ओला कस्टमर्स को करीब 130 करोड़ रुपए रिफंड के रुपये में देने की बात कही है। इसके तहत कंपनी रिफंड के रूप में कस्टमर को चार्जर के पैसे यानी 9 से 19 हजार रुपए वापस करेगी। कंपनी ने यह फैसला भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा इलेक्ट्रिक स्कूटरों की कीमत और उस पर दी जाने वाली सब्सिडी (FAME-II)की जांच के बाद किया है। ओला, हीरो, ओकिनावा सहित अन्य कंपनियों पर आरोप है कि FAME-II के तहत सब्सिडी लेने के लिए अपने स्कूटर्स की कीमतों को कम रखा। और चार्जर और सॉफ्टवेयर के नाम पर ग्राहकों से पैसे अलग से ले लिए। इन कंपनियों पर आरोप है कि वह साल 2019 से गलत तरीके से सब्सिडी ले रही हैं।

FAME-2 SUBSIDY AND OLA AND OTHER VIOLATIONS

फेम-2 सब्सिडी गलत तरीके से लेने का आरोप

कंपनियों को सब्सिडी का कैसे मिलता है फायदा

असल में सरकार फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक (FAME) स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनियों को सब्सिडी देती है। इसमें दो पहिया वाहन और कार के लिए नियम तय किए गए हैं। सब्सिडी लेने लिए कंपनियों को दो पहिया वाहन की कीमत अधिकतम 1.5 लाख रुपये और चार पहिया वाहन की कीमत 15 लाख रुपये अधिकतम रखना होगा।इसके अलावा वाहन में लिथियम ऑयन बैटरी का इस्तेमाल होना जरुरी है। वहीं 50 फीसदी से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग लोकल लेवल पर होनी चाहिए। इसके अलावा वन टाइम चार्ज के बाद न्यूनतम दूरी के मानक भी तय किए गए हैं।

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