National Stock Exchange of India यानी NSE का IPO 17 सितंबर 2026 को खुलने जा रहा है। पहले माना जा रहा था कि यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू हो सकता है। लेकिन, कंपनी ने IPO में शेयरों का प्राइस बैंड (Price Band) ₹1,700 से ₹1,785 तय किया है। इसकी वजह से कुल इश्यू साइज अब 22,569 करोड़ रुपये का है, जो हुडई इंडिया के 27,858.75 करोड़ के इश्यू के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा इश्यू है।
एनएसई आईपीओ के लिए जल्द शुरू होगा सब्सक्रिप्शन
BSE की जबरदस्त सफलता के बाद तमाम निवेशकों को NSE IPO का इंतजार है। BSE का शेयर IPO प्राइस की तुलना में अब तक 37 गुना से ज्यादा रिटर्न दे चुका है। BSE का शेयर IPO में ₹806 का ऑफर किया गया था और इसकी लिस्टिंग ₹1,089 पर हुई। इस तरह अगर किसी निवेशक को 2017 में IPO में BSE का शेयर मिला, तो उसका 1 शेयर अब 9 शेयर में बदल चुका है, क्योंकि कंपनी ने 2022 में 2:1 बोनस दिया, जिससे शेयर हो गए और इसके बाद फिर 2025 में 2:1 का बोनस मिला, जिससे कुल 9 शेयर हो गए। आज शेयर की कीमत 3,378.80 रुपये है। इस तरह मूल शेयर पर करीब 3671% यानी पैसा करीब 37.7 गुना रिटर्न मिला है।
1. NSE IPO कब खुलेगा और कब बंद होगा?
NSE IPO में 17 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक बोली लगाई जा सकेगी। अलॉटमेंट का आधार 22 सितंबर के आसपास तय होने की उम्मीद है। शेयरों का क्रेडिट और ASBA रिफंड या अनब्लॉकिंग 23 सितंबर के आसपास हो सकता है, जबकि लिस्टिंग और ट्रेडिंग की संभावित तारीख 24 सितंबर 2026 है।
2. ₹22,569 करोड़ का पूरा IPO क्या कंपनी को मिलेगा?
सबसे बड़ी बात यही है कि इस पूरी रकम में से कंपनी को कुछ भी नहीं मिलेगा। क्योंकि, NSE का यह इश्यू 100% OFS है। इसका मतलब कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा नहीं जुटा रही है। बल्कि, मौजूदा शेयरहोल्डर अपने शेयर बेच रहे हैं और IPO से मिलने वाली रकम उन्हीं को जाएगी।
3. Retail investor को कितने पैसे लगाने होंगे?
IPO का Price Band ₹1,700-₹1,785 है और Bid Lot 8 शेयर का है। इस हिसाब से अपर प्राइस बैंड पर मिनिमम इन्वेस्टमेंट ₹14,280 बैठता है। रिटेल कैटेगरी में अधिकतम आवेदन सीमा ₹2 लाख है।
4. NSE की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
NSE भारत के सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और कैश मार्केट के साथ ही इसका एक व्यापक इक्विटी डेरिवेटिव मार्केट भी है। SBI Securities के मुताबिक जून 2026 तक NSE के पास करीब 13.24 करोड़ यूनीक रजिस्टर्ड इन्वेस्टर, 1,328 ट्रेडिंग मेंबर और 3,005 लिस्टेड कंपनियां हैं। इन लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹474.1 लाख करोड़ है। यानी NSE की सबसे बड़ी ताकत उसका बड़ा निवेशक आधार है।
5. कहां-कहां से होती है NSE की कमाई?
NSE का रेवेन्यू मॉडल काफी डायवर्सिफाइड है। FY26 में कंपनी को ट्रांजैक्शन चार्ज से ₹13,057 करोड़ की आय हुई, जो इसके ऑपरेटिंग रेवेन्यू का 78.7% थी। इसके अलावा लिस्टिंग सर्विसेज, डेटा कनेक्टिविटी, डेटा फीड, टर्मिनल सर्विसेज, लाइसेंसिंग और क्लियरिंग एंड सेलटमेंट से भी आय हुई। कंपनी को टेक्नोलॉजी और डेटा रिलेटेड सेवाओं से FY26 रेवेन्यू का करीब 12% मिला। खासकर को-लोकेशन, कनेक्टिविटी, डेटा और इंडेक्स लाइसेंसिंग से आय FY24 के ₹1,395 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹1,956 करोड़ हो गई।
6. कैसी है कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन है?
FY26 में NSE का ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹16,601 करोड़ रहा, जबकि EBITDA ₹11,225 करोड़ और PAT ₹10,302 करोड़ रहा। FY25 में PAT ₹12,188 करोड़ था, यानी FY26 में प्रॉफिट में कमी आई। हालांकि, 1QFY27 में कंपनी का रेवेन्यू ₹4,560 करोड़ और PAT ₹3,120 करोड़ रहा। EBITDA margin भी 77.9% रही।
7. IPO Valuation महंगा है या सस्ता?
₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर NSE का FY26 P/E करीब 42.9 गुना है। SBI Securities के मुताबिक BSE का P/E 55.8 गुना था, जबकि Cboe, Nasdaq, ICE और Euronext जैसे ग्लोबल पीयर्स का P/E इससे कम है।
8. NSE के लिए ग्रोथ स्टोरी कितनी मजबूत है?
SBI Securities के अनुसार भारत में बचत और निवेश का ट्रेंड मजबूत हो रहा है। इसकी वजह से शेयर मार्केट में निवेशकों की भागीदारी बढ़ने, नए फाइनेंशियल प्रोडक्ट के मार्केट में लॉन्च होने और कैपिटल मार्केट के विस्तार की उम्मीदें NSE के लिए लॉन्ग टर्म ग्रोथ ड्राइवर हैं। SBI सिक्योरिटीज के मुताबिक NSE का कैश मार्केट टर्नओवर FY26 के ₹280.3 ट्रिलियन से FY30 तक ₹473-507 ट्रिलियन तक पहुंच सकता है। इसके अलावा Equity फ्यूचर टर्नओवर भी FY26 के ₹394.7 ट्रिलियन से FY30 तक ₹715-765 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।
9. NSE IPO में Risk क्या हैं?
NSE का बिजनेस काफी हद तक टेक्नोलॉजी पर निर्भर है। इसलिए सायबर अटैक, IT इन्फ्रा में खामियां या सिस्टम फेल्योर बड़े रिस्क हो सकते हैं। इसके अलावा ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट और रेगुलेटरी बदलाव भी कंपनी की ट्रांजैक्शन बेस्ड इनकम को प्रभावित कर सकते हैं, जो इसकी आय का सबसे बड़ा स्रोत है।
10. GMP कितना चल रहा है?
15 सितंबर, 2026 को NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹198 है। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले GMP के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹1,983 बनती है, यानी करीब 11.09% के लिस्टिंग गेन की उम्मीद की जा सकती है।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
