Nikhil Kamath Prediction : पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के बीच आम भारतीय निवेशक के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह आखिर कहां निवेश करे। क्योंकि, कोई भी सेक्टर ऐसा नहीं है, जहां स्थिर ग्रोथ मिल रही है। बहरहाल, इस डर के माहौल के बीच, ब्रोकरेज फर्म जेरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर निखिल कामथ ने भारतीय बाजार में ग्रोथ का अनुमान लगाया है।
निखिल कामथ को भारतीय बाजार के कमबैक का भरोसा
ब्लूमबर्ग टेलीविजन (Bloomberg Television) को दिए एक इंटरव्यू में निखिल कामथ ने 3 बड़े प्रेडिक्शन किए हैं। कामथ के ये अनुमान ऐसे सेक्टर्स (Investment Themes) का खुलासा करते हैं, जो आने वाले समय में जबरदस्त रिटर्न दे सकते हैं। कामथ का मानना है कि इनमें से कुछ सेक्टर्स आज भले ही पिटे हुए और बेहद सस्ते दाम पर मिल रहे हैं, लेकिन भविष्य में ये बाजार में असली 'धमाल' मचाएंगे।
| निवेश थीम | मुख्य फोकस क्षेत्र (Key Focus Areas) | निखिल कामथ का नजरिया (Kamath's Outlook) |
| 1. एनर्जी ट्रांजिशन (Energy Transition) | इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), बैटरी मैन्युफैक्चरर्स, पावर ग्रिड और ट्रांसमिशन कंपनियां। | मिडिल ईस्ट संकट के चलते इस थीम को नई रफ्तार मिली है। यह भविष्य की सबसे मजबूत और टिकाऊ विकास वाली थीम है। |
| 2. भारतीय आईटी सेक्टर (Indian IT Sector) | विप्रो, टीसीएस, इंफोसिस जैसी दिग्गज आईटी सर्विसेज कंपनियां। | यह इस समय बाजार का सबसे बड़ा 'कॉन्ट्रैरियन बेट' (विपरीत दांव) है। शेयर्स बहुत सस्ते और आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं। |
| 3. मार्केट रिवाइवल और रुपये का खेल | कच्चे तेल की गिरती कीमतें और कमजोर रुपया। | लंबे समय से सुस्त पड़े भारतीय शेयरों के लिए गिरता क्रूड और कमजोर रुपया एक सपोर्ट सिस्टम का काम करेगा, जिससे बाजार जल्द बाउंस बैक करेगा। |
क्यों एनर्जी ट्रांजिशन पर लगाएं दांव?
निखिल कामथ का मानना है कि पश्चिम एशिया तनाव ने दुनिया को पारंपरिक ईंधन से इतर सोचने पर मजबूर कर दिया है। कामथ ने कहा, "मौजूदा समय में एनर्जी ट्रांजिशन एक बेहद महत्वपूर्ण निवेश थीम बन चुका है। इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी निर्माता कंपनियां, ट्रांसमिशन कंपनियां और पावर ग्रिड आने वाले समय के लिए सबसे शक्तिशाली और प्रभावी आइडिया हैं।" स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ता भारत का कदम इन कंपनियों के लिए लंबी अवधि के रास्ते खोलेगा।
भारतीय IT Industry का होगा कमबैक
भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर के इक्विटी बाजार में इस साल सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टर्स में IT Industry शीर्ष पर रहा है। लेकिन कामथ इसे एक अवसर के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने इसे अपना 'कॉन्ट्रैरियन बेट' बताते हुए कहा, "भारत में कुछ बहुत ही बेहतरीन तरीके से प्रबंधित IT Services कंपनियां हैं, जो आज के समय में काफी सस्ती हो चुकी हैं। यह सही समय है जब वे निवेश के लिहाज से बेहद आकर्षक नजर आ रही हैं।"
FIIs की खराब टाइमिंग, जल्द रिकवर होगा मार्केट
इस साल मिडिल ईस्ट संकट, कमोडिटी की ऊंची कीमतों और कंपनियों के धीमे अर्निंग्स ग्रोथ के कारण भारतीय बाजारों ने अन्य एशियाई बाजारों की तुलना में कमजोर प्रदर्शन (Underperform) किया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने इस साल भारतीय बाजार से रिकॉर्ड 29 बिलियन डॉलर (लगभग ₹2.4 लाख करोड़) बाहर निकाले हैं, हालांकि हाल ही में रुपये को संभालने के उपायों के बाद उन्होंने फिर से मामूली खरीदारी शुरू की है।
FIIs की इस बिकवाली पर चुटकी लेते हुए कामथ ने कहा, "विदेशी फंड्स का भारतीय बाजार को टाइम करने का ट्रैक रिकॉर्ड कभी अच्छा नहीं रहा है। वे अक्सर तब बाजार छोड़कर भाग जाते हैं, जब वैल्यूएशन बहुत सस्ता होता है, और तब वापस लौटते हैं जब शेयर आसमान पर यानी महंगे होते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि एक तरह से इतिहास खुद को दोबारा दोहराएगा और भारतीय बाजार जल्द ही शानदार रिकवरी करेगा।"
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