Nifty Blue Chip Underperformer : शेयर बाजार में ब्लूचिप कंपनियों के शेयरों को सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश माना जाता है। आमतौर पर निवेशकों की सोच होती है कि अगर लंबी अवधि के लिए निवेश करना है तो निफ्टी यानी देश की 50 सबसे बड़ी कंपनियों में पैसा लगाना बेहतर रहेगा। लेकिन, पिछले 5 साल के आंकड़े इस धारणा को पूरी तरह सही साबित नहीं करते। निफ्टी इंडेक्स की करीब 25% कंपनियों ने निवेशकों को ऐसा रिटर्न दिया, जो कई मामलों में बैंक की सामान्य फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से भी कम रहा। इस दौरान निफ्टी की 13 कंपनियों का 5 साल का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) या तो निगेटिव रहा या बेहद मामूली। जबकि, इसी अवधि में निफ्टी इंडेक्स ने करीब 10.75% का CAGR रिटर्न दिया।
बाजार के दिग्गज FD का नहीं कर पाए मुकाबला
IT सेक्टर ने सबसे ज्यादा किया निराश
पिछले 5 साल में सबसे कमजोर प्रदर्शन सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर की बड़ी कंपनियों का रहा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का पांच साल का CAGR -10% रहा, जो इस सूची में सबसे खराब प्रदर्शन है। इसके अलावा विप्रो (Wipro) और इन्फोसिस (Infosys) दोनों ने करीब -8.8% CAGR दिया। वहीं, HCL Tech का CAGR करीब 1% और टेक महिंद्रा का 4% रहा। यानी देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियां भी निफ्टी के औसत रिटर्न से काफी पीछे रहीं।
निजी बैंकों का प्रदर्शन भी फीका
देश के दो बड़े निजी बैंक भी इस सूची में शामिल हैं। HDFC Bank का पांच साल का CAGR सिर्फ 1% रहा, जबकि Kotak Mahindra Bank ने करीब 3% CAGR दिया। मार्जिन पर दबाव, नियामकीय चुनौतियां और प्रबंधन स्तर पर बदलाव जैसे कारणों से इन दोनों बैंकों के शेयर निवेशकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।
रिलायंस, HUL और एशियन पेंट्स भी पीछे
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी Reliance Industries ने 5 साल में करीब 4.5% CAGR दिया। वहीं, देश की सबसे बड़ी FMCG कंपनी Hindustan Unilever (HUL) का CAGR -2.5% रहा। Asian Paints ने भी करीब -2.1% CAGR दिया। इन कंपनियों पर उपभोक्ता मांग में सुस्ती, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और पहले से ऊंचे वैल्यूएशन का असर देखने को मिला।
बीमा, ऑटो और फार्मा सेक्टर भी सुस्त
कमजोर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में HDFC Life Insurance भी शामिल है, जिसका पांच साल का CAGR -3.6% रहा। Tata Motors का CAGR केवल 0.2% रहा, जबकि Dr. Reddy's Laboratories ने करीब 3.8% CAGR का रिटर्न दिया।
इन शेयरों ने किया सबसे कमजोर प्रदर्शन
| कंपनी | 5 साल का CAGR | कंपनी | 5 साल का CAGR |
|---|---|---|---|
| TCS | -10.0% | HDFC Bank | 1.0% |
| Wipro | -8.8% | HCL Technologies | 1.0% |
| Infosys | -8.8% | Tata Motors | 0.2% |
| HDFC Life | -3.6% | Kotak Mahindra Bank | 3.0% |
| Hindustan Unilever | -2.5% | Dr. Reddy's Laboratories | 3.8% |
| Asian Paints | -2.1% | Tech Mahindra | 4.0% |
म्यूचुअल फंड्स का भरोसा कायम
कमजोर रिटर्न के बावजूद घरेलू म्यूचुअल फंड्स का इन कंपनियों पर भरोसा बना हुआ है। मई 2026 तक 1,257 सूचीबद्ध कंपनियों में म्यूचुअल फंड्स का कुल निवेश करीब 52.38 लाख करोड़ रुपये था। इन 13 कंपनियों में ही लगभग 9.16 लाख करोड़ रुपये, यानी कुल निवेश का करीब 18%, लगा हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा निवेश Reliance Industries में करीब 1.79 लाख करोड़ रुपये का है। इसके बाद Infosys में करीब 1.04 लाख करोड़ रुपये और Kotak Mahindra Bank में लगभग 92,468 करोड़ रुपये का निवेश है।
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