केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़े कामों के लिए बड़ा बदलाव किया है। नए ग्रामीण रोजगार ढांचे के तहत 375 तरह के कामों को मंजूरी दी गई है। यह संख्या पुराने योजना ढांचे की तुलना में करीब 41 प्रतिशत अधिक है। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था में केवल रोजगार देने पर ही नहीं, बल्कि गांवों में ऐसी सुविधाएं और ढांचा तैयार करने पर भी जोर दिया गया है, जिससे लोगों की आजीविका मजबूत हो सके।
नई ग्रामीण रोजगार योजना में 375 तरह के कामों को मंजूरी (Photo: X Handle/@MoRD_GoI)
चार कैटेगरी में बांटे गए काम
न्यूज एजेंसी, भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, वीबी-जी राम जी (VB G RAM G) के तहत मंजूर किए गए कामों को चार प्रमुख कैटेगरी में बांटा गया है। इनमें जल सुरक्षा, ग्रामीण क्षेत्र का मूल बुनियादी ढांचा, आजीविका से जुड़ा बुनियादी ढांचा और आपदा की तैयारी से जुड़े काम शामिल हैं।
जल सुरक्षा से जुड़े हैं सबसे अधिक काम
इन 375 कामों में सबसे ज्यादा 128 काम जल सुरक्षा से जुड़े हैं। इनमें चेक डैम, भूजल रिचार्ज शाफ्ट, नदियों और जलधाराओं का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और जलभराव वाली जमीन में सुधार जैसे काम शामिल हैं। ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसी सुविधाओं को भी सूची में जगह दी गई है।
111 काम ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े
वहीं, 111 काम ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े हैं। इनमें सोलर स्ट्रीट लाइट, कचरा रीसाइक्लिंग प्लांट, ग्रे-वॉटर ट्रीटमेंट यूनिट, ग्रामीण पुस्तकालय, पशु चिकित्सा केंद्र, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कमरे व प्रयोगशालाएं बनाना शामिल है।
आजीविका से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए 98 काम
आजीविका से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए 98 काम रखे गए हैं। इनमें सफाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग यूनिट, छोटी आटा मिल, मंडी, डेयरी से जुड़ी सुविधाएं, मशरूम उत्पादन शेड और मछली पालन से जुड़ी संरचनाएं शामिल हैं। स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्कशॉप, प्रशिक्षण केंद्र और एसएचजी मार्ट जैसी सुविधाएं भी बनाई जा सकेंगी। इस श्रेणी की हिस्सेदारी अब कुल कामों की करीब 26 प्रतिशत है, जबकि पुराने ढांचे में यह केवल 1.1 प्रतिशत थी।
आपदा से मौसम के लिए अलग कैटेगरी
आपदा और मौसम से निपटने के लिए पहली बार अलग कैटेगरी बनाई गई है। इसमें 38 काम शामिल हैं। बाढ़ राहत आश्रय, तटबंध मजबूत करना, बाढ़ से बचाव और आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों व सामुदायिक संपत्तियों की मरम्मत जैसे काम इसके तहत होंगे। सरकार के अनुसार, कुल 181 काम कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों से संबंधित हैं। इनमें 52 काम व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए हैं। कमजोर और अंत्योदय परिवारों के लिए भी 107 काम तय किए गए हैं।
ग्राम पंचायत योजनाओं के जरिए चुने जाएंगे काम
नई व्यवस्था में कामों का चयन स्थानीय जरूरतों के आधार पर ग्राम पंचायत योजनाओं के जरिए होगा और ग्राम सभा से मंजूरी ली जाएगी। वीबी-जी राम जी अधिनियम 1 जुलाई 2026 से लागू हुआ है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के गारंटी रोजगार का प्रावधान है।
रोजगार और कमाई के बढ़ेंगे अवसर
सरकार के इस कदम से ग्रामीण इलाकों में रोजगार के साथ-साथ गांवों का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। इसके अलावा, जल संरक्षण, सिंचाई, सड़क, स्वास्थ्य, स्कूल और आजीविका से जुड़े काम बढ़ने से ग्रामीण लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और कमाई के नए अवसर मिल सकेंगे।
