रात में ड्राइविंग करते समय सामने से आ रही गाड़ियों की तेज हेडलाइट से आंखें चौंधिया जाने की समस्या (Glare) हर किसी ने महसूस की होगी। सड़क हादसों का एक बड़ा कारण बनने वाली इसी समस्या को खत्म करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) सख्त एक्शन लेने जा रहा है। सरकार ने वाहनों की हेडलाइट्स की तीव्रता (Intensity) को कम करने और हाई-बीम के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए नए ड्राफ्ट नियमों का प्रस्ताव रखा है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य रात के समय और खराब मौसम में विजिबिलिटी को बेहतर और सुरक्षित बनाना है।
हेडलाइट्स की चकाचौंध पर सरकार का बड़ा एक्शन; अब बेवजह नहीं जला पाएंगे हाई-बीम!
कितनी होगी हेडलाइट की रौशनी
प्रस्तावित नियमों के तहत वाहनों की हेडलाइट की रोशनी की अधिकतम सीमा में बड़ी कटौती की जाएगी। अब नए दोपहिया वाहनों में ऑटोमैटिक हेडलैंप सिर्फ लो-बीम (Low-Beam) पर ही जलेंगे। इसके साथ ही, दोपहिया वाहनों की हेडलाइट की तीव्रता की सीमा को 1.5 लाख कैंडेला से घटाकर 1 लाख कैंडेला करने की तैयारी है। वहीं, कारों और अन्य चार पहिया वाहनों के लिए यह सीमा 2.25 लाख कैंडेला से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला निर्धारित की जा रही है। रोशनी के रंग और तापमान को नियंत्रित करने के लिए हेडलाइट का कलर टेम्परेचर अधिकतम 6,500 केल्विन तय करने का प्रस्ताव है।
अक्सर देखा जाता है कि लोग शहरों की सड़कों पर भी बेवजह हाई-बीम जलाकर गाड़ियां चलाते हैं, जिससे सामने से आने वाले चालकों को देखना मुश्किल हो जाता है। इस पर नकेल कसने के लिए सरकार शहरों के भीतर गाड़ियों में 'ऑडियो अलर्ट' (Audio Alert) सिस्टम लागू करने पर विचार कर रही है, जो बेवजह हाई-बीम का इस्तेमाल करने पर ड्राइवर को चेतावनी देगा। हालांकि, चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अधिक गति वाले हाईवे पर यह ऑडियो अलर्ट सिस्टम काम नहीं करेगा।
कमर्शियल और हेवी व्हीकल के लिए नियम
व्यावसायिक और भारी वाहनों की सुरक्षा के लिए भी विशेष नियम बनाए जा रहे हैं। नई गाइडलाइंस के तहत बसों और भारी वाहनों में रात के समय तथा खराब मौसम के दौरान रिफ्लेक्टिव टेप (Reflective Tape) लगाना अनिवार्य होगा, ताकि दूर से ही अन्य वाहन चालकों को इनकी उपस्थिति का अहसास हो सके।
सड़क परिवहन मंत्रालय ने इन सभी प्रस्तावित बदलावों पर ऑटोमोबाइल निर्माताओं और हितधारकों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो ये सभी नए मानक अगले साल अप्रैल महीने से पूरे देश में लागू किए जा सकते हैं। इन नियमों के आने से देश में रात के समय होने वाले भीषण सड़क हादसों में भारी कमी आने की उम्मीद है।
