बाढ़ में सब बह गया, नेपाल का हरा घर क्यों खड़ा रहा? मकान बना रहे हैं तो सीखें मजबूती का राज

नेपाल की भीषण बाढ़ में पूरा गांव तबाह हो गया, लेकिन 40 साल पुराना चार मंजिला हरा घर सही-सलामत खड़ा रहा। गहरी नींव, मजबूत आरसीसी पिलर और सही कंस्ट्रक्शन तकनीक की बदौलत यह मकान आपदा में सुरक्षा का मिसाल बन गया।

हाल ही में नेपाल के बागमती प्रांत में लंगटांग लिरुंग ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा त्रिशूली नदी घाटी में गिरने से विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) आ गया। पानी, मलबे और चट्टानों के तेज बहाव ने पुलों, राजमार्गों और पूरे के पूरे गांवों को तबाह कर दिया। इस भीषण तबाही के बीच नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट इलाके से आई एक तस्वीर ने दुनिया का ध्यान खींचा। जहां चारों तरफ कीचड़ और मलबे का बंजर मैदान नजर आ रहा था, वहीं चार मंजिला एक फिरोजी (Turquoise) रंग का घर पूरी तरह सीधा खड़ा रहा। प्रकाश पांडे प्याकुरेल का यह मकान बाढ़ के प्रचंड वेग को झेल गया और उनका परिवार ऊपरी मंजिल पर सुरक्षित रहा।

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बाढ़ में सब बह गया, नेपाल का हरा घर क्यों खड़ा रहा?

इस चमत्कारिक घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है कि आखिर भीषण बहाव के बावजूद यह मकान कैसे सुरक्षित रहा? यह घटना साबित करती है कि घर का सही लोकेशन, मजबूत नींव, आरसीसी स्ट्रक्चर और बेहतर कंस्ट्रक्शन क्वालिटी न केवल इमारत को ढहने से बचाती है, बल्कि आपदा के समय उसके अंदर मौजूद लोगों के लिए जीवन रक्षक भी बनती है।

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