दशकों तक, नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के हाउसिंग मार्केट पर मुख्य रूप से उन लोकल बिल्डर का दबदबा रहा, जिनके पास स्थानीय स्तर पर गहरी जानकारी और पहले से मौजूद लैंड बैंक थे। आज, इस स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। देश के बड़े (मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद में काम करने वाले) डेवलपर्स का दबदबा दिल्ली-NCR में अब तेजी से बढ़ रहा है। यह रेजिडेंशियल रियल एस्टेट सेक्टर में एक बड़े बदलाव को दर्शाता है।
रियल एस्टेट
ANAROCK रिसर्च केके अनुसार, पिछले चार वर्षों में NCR में नेशनल डेवलपर्स की नई रेजिडेंशियल सप्लाई की हिस्सेदारी चार गुना बढ़ गई है। 2022 में इस क्षेत्र की कुल नई रेजिडेंशियल सप्लाई में उनकी हिस्सेदारी 3% थी, जो 2025 के अंत तक बढ़कर 13% से अधिक हो गई। इन डेवलपर्स में गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड, प्रेस्टीज एस्टेट्स, टाटा हाउसिंग, महिंद्रा लाइफस्पेस, अडानी रियल्टी, शोभा लिमिटेड, शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप और बिड़ला एस्टेट्स शामिल हैं। इस मार्केट में अभी भी लोकल प्लेयर्स का दबदबा है, लेकिन NCR के बाहर के बड़े और लिस्टेड डेवलपर्स भी अब यहां के हाउसिंग मार्केट में अपनी पकड़ तेजी से मजबूत कर रहे हैं।
4 गुना बढ़ी ब्रांडेड घरों की सप्लाई
ANAROCK ग्रुप के वाइस चेयरमैन संतोष कुमार कहते हैं कि 2022 में NCR में लॉन्च हुई लगभग 25,355 रेजिडेंशियल यूनिट्स में से नेशनल डेवलपर्स का हिस्सा सिर्फ 3% यानी 700 से भी कम यूनिट्स का था। 2025 में, पूरे इलाके में लॉन्च हुई लगभग 61,775 यूनिट्स में से करीब 8,100 यूनिट्स नेशनल प्लेयर्स की थीं। उनकी भागीदारी इस मार्केट के बढ़ते इंस्टीट्यूशनलाइज़ेशन (संस्थागत स्वरूप) और साथ ही घर खरीदने वालों की उन भरोसेमंद ब्रांड्स के प्रति बढ़ती पसंद को दिखाती है, जिनके पास काम को बेहतर ढंग से पूरा करने की मजबूत क्षमता है।
इन नेशनल प्लेयर्स ने मिलकर 2022 से 2026 की पहली तिमाही (Q1) के बीच दिल्ली-NCR में 30 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में 15,130 से ज्यादा यूनिट्स लॉन्च कीं। इनमें से गोदरेज प्रॉपर्टीज़ सबसे ज्यादा एक्टिव रही है। लॉन्च की गई कुल यूनिट्स में गोदरेज प्रॉपर्टीज की हिस्सेदारी 47% से ज्यादा है। कंपनी ने गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाई है।
प्रेस्टीज ग्रुप और शोभा भी रेस में शामिल
अच्छी-खासी सप्लाई वाले अन्य प्लेयर्स में बेंगलुरु की प्रेस्टीज ग्रुप और शोभा लिमिटेड शामिल हैं। NCR में इन प्लेयर्स की कुल यूनिट्स में प्रेस्टीज की हिस्सेदारी 27% है, जो अकेले गाज़ियाबाद में केंद्रित है। शोभा की 10% हिस्सेदारी गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा में फैली हुई है। शापूरजी पलोनजी, बिड़ला एस्टेट्स, अडानी रियल्टी, टाटा हाउसिंग और महिंद्रा लाइफस्पेस की यूनिट्स की संख्या तो कम है, लेकिन उन्होंने खास जगहों पर - खासकर गुरुग्राम में - हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया है।
लग्जरी घरों की मांग ने मौके बनाए
रियल एस्टेट एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद से एनसीआर का रियल एस्टेट मार्केट तेजी से बदला है। लोगों को बड़े और सारी सुख-सुविधाओं से लैस घर पसंद आ रहे हैं। यह नेशनल डेवलपर्स के लिए मौके लेकर आया है। ज्यादातर नेशनल डेवलपर्स अमीर और लाइफस्टाइल-ओरिएंटेड घर खरीदारों को टारगेट कर रहे हैं। इन डेवलपर्स के प्रोजेक्ट्स की औसत कीमत प्रीमियम कैटेगरी में आती है, और इनमें से कई प्रोजेक्ट्स लग्जरी और अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट में आते हैं। लोकेशन के हिसाब से, गुरुग्राम उनकी सबसे पसंदीदा जगह बनी हुई है - NCR में इन नेशनल प्लेयर्स की कुल नई सप्लाई में गुरुग्राम का हिस्सा सबसे ज्यादा 47% है, इसके बाद गाजियाबाद (27%), नोएडा (13%) और ग्रेटर नोएडा (12%) का नंबर आता है। गुरुग्राम की लगातार बनी हुई लोकप्रियता की वजह मजबूत कॉर्पोरेट डिमांड, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरपोर्ट से नजदीकी और रोजगार के केंद्रों का लगातार विस्तार है।
