Mutual Fund KYC: म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए केवाईसी (KYC) अपडेट कराने की डेडलाइन 31 मार्च थी, जो कि निकल गई है। मगर डेडलाइन निकलने के बावजूद भी निवेशक अपनी एसआईपी चालू रख सकेंगे। CDSL के मुताबिक अगर आपने जरूरी दस्तावेजों के साथ केवाईसी वेरिफिकेशन करा लिया है और आपका मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी वेरिफाइड हो चुके हैं तो दोबारा इन्हें वेरिफाई कराने की जरूरत नहीं है। मगर जरूरी है कि निवेशक ने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी वेरिफाई कराया हो।
म्यूचुअल फंड निवेशकों को KYC पर मिली राहत
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केवल इन लोगों को मिलेगा फायदा
इससे पहले म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए 31 मार्च को केवाईसी अपडेट कराने के लिए बतौर डेडलाइन फिक्स किया गया था। अब केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसी सीडीएसएल ने नए बयान में कहा है कि सभी को केवाईसी अपडेट कराना जरूरी नहीं है। बल्कि पुराने म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए ही यह जरूरी है। नए निवेशकों को केवाईसी अपडेट कराना जरूरी नहीं है।
कौन-कौन से दस्तावेज हैं मान्य
केवाईसी अपडेट कराने के लिए जो दस्तावेज मान्य हैं, उनमें आधार कार्ड, पासपोर्ट और वोटर आईडी कार्ड शामिल हैं। ध्यान रहे कि इसके लिए बैंक स्टेटमेंट और यूटिलिटी बिल (बिजली-पानी के बिल) को अब से केवाईसी के लिए वैलिड नहीं माना जाएगा।
अगर केवाईसी न कराएं तो क्या होगा
म्यूचुअल फंड स्कीम में लेनदेन करने के लिए 31 मार्च तक फिर से केवाईसी कराना जरूरी नहीं था। अगर आप नई केवाईसी नहीं करा पाए, तो भी म्यूचुअल फंड में लेनदेन कर सकेंगे। मगर आपका खाता कुछ समय के लिए होल्ड किया जा सकता है। उसके बाद केवाईसी कराने पर आपका अकाउंट फिर से एक्टिव हो जाएगा।
