Multibagger Defence Stock 2026 (मल्टीबैगर डिफेंस स्टॉक) : भारतीय शेयर बाजार में जहां एक ओर अस्थिरता का माहौल है, वहीं HFCL ने एक महीने में निवेशकों को मालामाल कर दिया है। टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी ने अब डिफेंस सेक्टर में भी एंट्री कर ली है। मात्र 30 दिनों के भीतर इस स्टॉक ने 60% का छप्परफाड़ रिटर्न देकर बाजार के दिग्गजों को हैरान कर दिया है। डिफेंस सेक्टर में कंपनी की एंट्री और भारी-भरकम ऑर्डर बुक ने इसे निवेश के लिए सबसे पसंदीदा 'मल्टीबैगर' बना दिया है।
डिफेंस मल्टीबैगर शेयर ने भरी उड़ान
रिलायंस का बड़ा दांव और जबरदस्त रिकवरी
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ीं Reliance Strategic Business Ventures और Reliance Ventures जैसी कंपनियां भी HFCL की शेयरहोल्डर हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी सहायक कंपनियों के जरिये HFCL में 4.65% की अहम हिस्सेदारी रखती है, जो इस कंपनी की विश्वसनीयता पर मुहर लगाती है। मार्च 2020 में मात्र ₹8.75 पर ट्रेड करने वाला यह शेयर अब ₹118 के स्तर को पार कर चुका है, जिसका अर्थ है कि पिछले 6 सालों में इसने निवेशकों का पैसा 12 गुना से भी ज्यादा बढ़ा दिया है।
डिफेंस सेक्टर में एंट्री ने पलटी किस्मत
कंपनी अब केवल टेलीकॉम तक सीमित नहीं है, बल्कि डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स में भी अपनी धाक जमा रही है। मार्च और अप्रैल 2026 के बीच कंपनी ने ₹11,525 करोड़ के विशालकाय ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज और रडार जैसे हाई-टेक उपकरणों का निर्माण कर रही है, जिससे वित्त वर्ष 2028 तक डिफेंस वर्टिकल से ₹1,000 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है।
ब्रोकरेज हुए मेहरबान और दिया बड़ा टारगेट
देश के प्रतिष्ठित ब्रोकरेज हाउस इस स्टॉक पर बेहद सकारात्मक रुख अपना रहे हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स (Geojit Investments) ने इस शेयर के लिए ₹150 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 40% की भारी बढ़त का संकेत देता है। वहीं अरिहंत कैपिटल ने ₹147 और सुनिधि रिसर्च ने ₹130 का लक्ष्य निर्धारित किया है, क्योंकि कंपनी 5G और 6G तकनीक के लिए ऑप्टिकल फाइबर की बढ़ती मांग का सीधा फायदा उठा रही है।
डेटा सेंटर और AI का मिल रहा सहारा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स के बढ़ते विस्तार ने अल्ट्रा-हाई-फाइबर केबल्स की मांग को बढ़ा दिया है। HFCL ने एक ग्लोबल कंपनी के साथ 1.1 बिलियन डॉलर का पांच साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है, जो इसकी लंबी अवधि की ग्रोथ को मजबूती प्रदान करता है। कंपनी की विनिर्माण क्षमता में विस्तार और स्वदेशी तकनीक पर जोर इसे भविष्य का बड़ा खिलाड़ी बना रहा है।
डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
