बफर स्टॉक से गेहूं और चावल बेच रही है सरकार, ये है मकसद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 21, 2023, 07:19 PM IST

मोदी सरकार खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत खुदरा कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए अपने बफर स्टॉक से गेहूं और चावल बेच रही है। सरकार मकसद खुदरा कीमतों नियंत्रण करना।

सरकार ने घरेलू आपूर्ति को बढ़ाने और खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के अपने प्रयासों के तहत थोक उपभोक्ताओं को ई-नीलामी के माध्यम से 3.46 लाख टन गेहूं और 13,164 टन चावल बेचा है। सरकार खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत खुदरा कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए अपने बफर स्टॉक से गेहूं और चावल बेच रही है। खाद्यान्न खरीद और वितरण के लिए सरकार की नोडल एजेंसी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ई-नीलामी कर रही है। केंद्र ने मार्च, 2024 तक ओएमएसएस के लिए 101.5 लाख टन गेहूं आवंटित किया है।

selling wheat and rice

सरकार बेच रही है गेहूं-चावल

एक सरकारी बयान में कहा गया कि 26वीं ई-नीलामी 20 दिसंबर को आयोजित की गई थी, जिसमें चार लाख टन गेहूं और 1.93 लाख टन चावल की पेशकश की गई थी। ई-नीलामी में, 3.46 लाख टन गेहूं और 13,164 टन चावल - क्रमश: 2,178.24 रुपये प्रति क्विंटल और 2905.40 रुपये प्रति क्विंटल के भारित औसत पर बेचा गया था। चावल, गेहूं और आटे की खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार गेहूं और चावल दोनों की साप्ताहिक ई-नीलामी आयोजित कर रही है।

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