LPG सिलेंडर अब 15 दिन में नहीं, इतने दिन बाद मिलेगा, ईरान युद्ध से बदला नियम

जब भी युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तो लोगों में 'पैनिक बुकिंग' (घबराहट में बुकिंग) की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। लोग डर के मारे जरूरत न होने पर भी सिलेंडर बुक करने लगते हैं, जिससे बाजार में बनावटी कमी (Artificial Shortage) पैदा हो जाती है। 21 दिन का 'लॉकिंग पीरियड' तय करने से इस अफरा-तफरी को रोका जा सकेगा और मौजूदा स्टॉक का प्रबंधन बेहतर तरीके से होगा।

मिडिल ईस्ट में भड़की आग ने अब सीधे आम आदमी की रसोई पर असर डालना शुरू कर दिया है। मिडिल ईस्ट में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ती सैन्य तनातनी के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई चेन डगमगा गई है। इसी अनिश्चितता को देखते हुए भारत में घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में एक बदलाव किया गया है। इससे पहले घरेलू गैस की कीमतें भी 60 रुपए तक एक झटके में बढ़ गई हैं, अब उपभोक्ता अपने घरेलू गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग (रिफिल) 15 दिनों के बजाए कम से कम 21 दिनों के अंतराल पर ही कर सकेंगे। यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे लाखों परिवारों का बजट और योजना प्रभावित होने वाली है।

Gas Dealer

नियम बदलने की असली वजह क्या है?

इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट का गहराना है। ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष ने समुद्री व्यापार मार्गों को असुरक्षित बना दिया है, जिससे भारत तक पहुंचने वाली गैस और तेल की खेपों में देरी की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम किसी कमी की वजह से नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। जब भी युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तो लोगों में 'पैनिक बुकिंग' (घबराहट में बुकिंग) की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। लोग डर के मारे जरूरत न होने पर भी सिलेंडर बुक करने लगते हैं, जिससे बाजार में बनावटी कमी (Artificial Shortage) पैदा हो जाती है। 21 दिन का 'लॉकिंग पीरियड' तय करने से इस अफरा-तफरी को रोका जा सकेगा और मौजूदा स्टॉक का प्रबंधन बेहतर तरीके से होगा।

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