Electoral Bond: कौन है सैंटियागो मार्टिन,जिसने इलेक्टोरल बॉन्ड से दिया सबसे ज्यादा चंदा, मजदूर से कैसे बने लॉटरी किंग

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 15, 2024, 08:45 AM IST

Lottery King Santiago Martin Story: इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bond) के जरिए राजनीतिक दलों को चंदा देने वाली कंपनियों और व्यक्तियों का डाटा जारी कर दिया गया है। जानिए सबसे अधिक इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाले सैंटियागो मार्टिन (Santiago Martin) की कहानी। वह एक मजदूर से कैसे बना लॉटरी किंग।

Lottery King Santiago Martin Story: चुनाव आयोग (EC) ने इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bond) के जरिए राजनीतिक दलों को चंदा देने वाली कंपनियों और व्यक्तियों का डाटा अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज का कारोबार करने वाले सैंटियागो मार्टिन (Santiago Martin) सबसे अधिक इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाले व्यक्ति है। आइए जानते हैं उनकी कहानी। सैंटियागो मार्टिन की कहानी ऐसी जिस पर आपको यकीन नहीं होगा। मार्टिन म्यांमार के एक मजदूर था जो 'लॉटरी किंग' बन गया। मार्टिन लॉटरी के जरिये आम लोगों को सपने और भाग्य बेचते हुए भारतीय राजनीतिक दलों के भी मददगार बन गए। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए आंकड़ों के मुताबिक मार्टिन की कंपनी ने अप्रैल 2019 से जनवरी 2024 के बीच 1368 करोड़ रुपए के चुनावी बॉन्ड खरीदे। जब दक्षिण भारत में व्यापार की बात आती है तो कुछ ही नामों ने इतना विवाद और साजिश पैदा की है जितना मार्टिन का होता है। अब वह 59 वर्ष के हैं। म्यांमार से लौटने पर उन्होंने 1988 में लॉटरी बिजनेस शुरू किया जब उन्होंने कोयंबटूर में मार्टिन लॉटरी एजेंसीज लिमिटेड की स्थापना की। जिसने ने उनके नाम 'लॉटरी मार्टिन' और उनके बिजनेस को ऊंचाई पर पहुंचा दिया। दो अंकों की लॉटरी का क्रेज था जिसने इस इलाके में धूम मचा दी थी।

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नंबर 1 इलेक्टोरल बॉन्ड डोनर सैंटियागो मार्टिन

मजदूर से ऐसे लॉटरी किंग बने सैंटियागो मार्टिन

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कोयंबटूर में रहते हुए सैंटियागो मार्टिन ने कर्नाटक और केरल तक अपने ऑपरेशन का विस्तार किया। अंततः सिक्किम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र में काम करने की अनुमति हासिल की। आम लोगों की आशाओं और सपनों पर बने उनके साम्राज्य ने उन्हें अपार धन और प्रभावशाली व्यक्ति बना दिया। राजनीतिक घोटाले से मार्टिन की पहली मुलाकात केरल में हुई, एक ऐसा राज्य जहां लॉटरी का लोगों के मानस और सरकार के राजस्व में बहुत बड़ा हिस्सा है। 2008 में जब मार्टिन पर पहले से ही सिक्किम सरकार को 4500 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लग रहा था, तब उन्होंने सीपीआई (एम) के मुखपत्र देशाभिमानी को 2 करोड़ रुपए का योगदान दिया था।

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