Money Management Tips: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में पैसे से जुड़ी चिंता लोगों के लिए तनाव का बड़ा कारण बनती जा रही है। EMI, घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, निवेश, बचत और अचानक आने वाले खर्चों के बीच कई बार व्यक्ति को लगता है कि उसकी पूरी कमाई केवल खर्चों को संभालने में ही निकल रही है। ऐसे में सिर्फ ज्यादा कमाई करना ही समाधान नहीं है, बल्कि पैसों को सही तरीके से मैनेज करना और खर्च करने की आदतों को समझना भी जरूरी है। आइए पैसे को मैनेज करने से जुड़ी टर्म्स Financial Wellness और Mindful Budgeting का मतलब समझते हैं-
पैसे बचाने में काम आएगा Mindful Budgeting का ये तरीका (Photo: iStock)
Financial Wellness का क्या मतलब
Financial Wellness का मतलब केवल ज्यादा पैसा होना नहीं है, बल्कि अपनी रोजमर्रा की आर्थिक जरूरतों पर नियंत्रण रखना, इमरजेंसी के लिए तैयार रहना, अपने छोटे-बड़े वित्तीय लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना और भविष्य को लेकर आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस करना है।
Mindful Budgeting क्या है?
Mindfulness का मतलब है किसी काम को जागरूक होकर करना और बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया देने से बचना। जब यही तरीका पैसों के मामले में अपनाया जाता है तो इसे Mindful Money Management कहा जा सकता है।
इसका मतलब है कि खरीदारी करने से पहले खुद से सवाल करें कि यह खर्च वास्तव में आपकी जरूरत है या सिर्फ उस समय के मूड की वजह से आप पैसा खर्च कर रहे हैं। उदाहरण के लिए ऑनलाइन सेल देखकर तुरंत कोई सामान खरीदने के बजाय कुछ देर रुककर सोचें कि क्या यह चीज आपके बजट और वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप है।
Budget बनाना क्यों जरूरी है?
कई लोगों को बजट का मतलब केवल खर्चों पर रोक लगाना लगता है। लेकिन सही मायने में बजट आपको यह तय करने में मदद करता है कि आपकी कमाई का कितना हिस्सा कहां जाना चाहिए। आप बजट के लिए 50-30-20 Rule अपना सकते हैं। इसके मुताबिक आय का करीब 50 फीसदी हिस्सा जरूरतों, 30 फीसदी इच्छाओं और 20 फीसदी बचत या निवेश के लिए रखा जा सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति की आय और जिम्मेदारियां अलग होती हैं, इसलिए इसे अपनी स्थिति के अनुसार बदला जा सकता है।
Financial Routine बनाएं
पैसों को व्यवस्थित रखने के लिए एक नियमित Financial Routine बनाया जा सकता है। हर सप्ताह खर्चों की समीक्षा करें। महीने में एक बार बिल, निवेश और बजट की स्थिति देखें। हर तीन महीने में अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और साल में कम से कम एक बार Net Worth, Savings Rate और भविष्य के लक्ष्यों का आकलन करें।
