शेयर बाजार में शानदार रैली देखने को मिल रही है। 3 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 1000 अंकों की अधिक तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है। बता दें कि 1074.84 की तेजी के साथ BSE SENSEX 72,970.52 अंक पर पहुंच गया है। इसी तरह एनएसई निफ्टी 334.60 अंकों की तेजी के साथ 22,697.95 अंक पर पहुंच गया है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि बाजार में इतनी बड़ी तेजी आई है। आपको बता दें कि इसके पीछे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक बयान है। मंगलवार को उन्होंने ब्लूमबर्ग इकोनॉमी फोरम में बोलते हुए कहा कि बजट पर बातचीत के दौरान सरकार लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को हटाने के बारे में राय जानने की इच्छुक होगी, क्योंकि भारत और विदेशों में निवेशक इक्विटी पर टैक्स को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री ने आज क्या कहा?
मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस चर्चा में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और अलग-अलग एसेट क्लास (निवेश की श्रेणियों) पर समान टैक्स लगाने के सवाल भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को लेकर भारतीय और विदेशी, दोनों तरह के निवेशक अपनी राय रख रहे हैं। शेयर बाजार में STT और सभी एसेट क्लास के साथ समान व्यवहार किए जाने को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है। इस तरह की चर्चा स्वस्थ है।
सीतारमण ने यह भी कहा कि प्राइवेट कैपिटल रिन्यूएबल एनर्जी और चिप बनाने जैसे सेक्टर में आ रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ AI ही नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, सेमीकंडक्टर चिप्स, डिज़ाइन और पैकेजिंग भी शामिल हैं। भारत ऐसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है जो AI को बढ़ावा देंगे।
भारत के इन क्षेत्रों में बढ़ रहा निवेश
सीतारमण ने कहा कि भारत ने डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, ट्रांसमिशन लाइन, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया जैसे क्षेत्रों में भी निवेश आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सोच-समझकर एडवांस्ड, बारीक नैनोमीटर वाली चिप्स और कम एडवांस्ड चिप्स - दोनों के ही निर्माण का फैसला किया है, क्योंकि अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से के लिए ये दोनों ही जरूरी हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग पर सीतारमण ने कहा कि 2019 के आखिर में शुरू की गई 'नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन' का मूल्य $4.5 ट्रिलियन से ज्यादा हो गया है।
इन कारणों से भी बाजार में लौटी तेजी
IT शेयरों में जोरदार उछाल: HCL टेक के बेहतर तिमाही नतीजों के बाद शेयर 5% से ज्यादा चढ़ा। TCS में भी करीब 5% की तेजी आई। IT शेयरों की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
रुपये में मजबूती: RBI के रुपये को संभालने के उपायों के बाद डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में तेजी आई। इससे निवेशकों की धारणा को बल मिला है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से शेयर बाजार पर दबाव कुछ कम हुआ। बॉन्ड में मिलने वाला रिटर्न कम आकर्षक होने पर शेयरों में निवेश की रुचि बढ़ सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नीचे आने से भारत के आयात बिल और महंगाई को लेकर चिंताओं में कुछ राहत मिली।
