शेयर बाजार में गिरावट का असर सेंसेक्स की टॉप कंपनियों पर हुआ है। देश की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों का मार्केट कैप पिछले सप्ताह 2,99,661.36 करोड़ रुपये घट गया। शेयर बाजारों में जोरदार गिरावट के बीच आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को सबसे ज्यादा झटका लगा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का बाजार मूल्यांकन 97,597.91 करोड़ रुपये घटकर 10,49,281.56 करोड़ रुपये रह गया। यानी टीसीएस में निवेश करने वाले निवेशकों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। पिछले सप्ताह, बीएसई सेंसेक्स 2,199.77 अंक या 2.66 प्रतिशत गिरा।
सेंसेक्स
रिलायंस ने भी निवेशकों को दिया झटका
रिलायंस इंडस्ट्रीज का मूल्यांकन 40,462.09 करोड़ रुपये घटकर 18,64,436.42 करोड़ रुपये रह गया। इंफोसिस के बाजार मूल्यांकन में 38,095.78 करोड़ रुपये की गिरावट आई, और यह 6,01,805.25 करोड़ रुपये रहा। इसी तरह एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और भारतीय स्टेट बैंक का मूल्यांकन भी घटा। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान बरकरार रखा। उसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस, इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।
सेंसक्स छह दिन में 2,600 अंक गिरा
अमेरिका की वीजा पाबंदियों, नए टैरिफ और लगातार विदेशी निवेशकों के पैसे निकलने से भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को लगातार छठे दिन गिरावट में रहा। IT शेयर पहले ही कमजोर थे, जब से वॉशिंगटन ने H-1B वीज़ा आवेदन शुल्क प्रति आवेदक $1,00,000 कर दिया। अब फार्मा सेक्टर पर भी दबाव बढ़ गया है, क्योंकि अमेरिका ने ब्रांडेड दवाओं पर नए टैरिफ लगाए हैं। बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार को 733.22 अंक या 0.9% गिरकर 80,426.46 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 236.15 अंक या 0.95% गिरकर 24,654.70 पर बंद हुआ। 19 सितंबर से अब तक सेंसेक्स 2,587 अंक या 3.16% और निफ्टी 769 अंक या 3% घट चुका है। बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में और तेज गिरावट देखी गई। Nifty Midcap100 और Smallcap100 शुक्रवार को दोनों 2% से अधिक गिर गए। पिछले छह सत्रों की इस तेज गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹15.63 लाख करोड़ की कमी आ गई। बीएसई की सभी लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 19 सितंबर को ₹466.89 लाख करोड़ से घटकर शुक्रवार को ₹451.25 लाख करोड़ रह गया।
