सरकार ने नीति आयोग के टॉप लेवल में बड़ा बदलाव किया है, जिसमें पूर्व चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर अशोक कुमार लाहिड़ी को वाइस-चेयरमैन बनाया गया है। बाकी चार नए मेंबर्स में इकोनॉमिस्ट केवी राजू, AIIMS के डायरेक्टर एम श्रीनिवास, साइंटिस्ट गोबरधन दास और साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी अभय करंदीकर शामिल हैं। पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा, जो पिछले साल थिंक टैंक में शामिल हुए थे, उन्हें बनाए रखा गया है। नए सदस्य रमेश चंद (NITI में 10 साल और 7 महीने), विजय कुमार सारस्वत (11 साल और 3 महीने), विनोद के पॉल (आठ साल और 8 महीने) और अरविंद विरमानी (तीन साल और 5 महीने) की जगह लेंगे। आइए इन नए सदस्यों की के बारे में जानते हैं।
नीति आयोग
अशोक कुमार लाहिड़ी (उपाध्यक्ष)
अशोक लाहिड़ी ने सुमन बेरी का स्थान लिया है। वे भारत के सबसे अनुभवी अर्थशास्त्रियों में से एक हैं। वे भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 15वें वित्त आयोग के सदस्य के रूप में भी कार्य किया है। उन्होंने विश्व बैंक, IMF और एशियाई विकास बैंक (ADB) में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। राजकोषीय नीति, कराधान और व्यापक आर्थिक सुधारों में उन्हें महारत हासिल है।
डॉ. एम. श्रीनिवास (पूर्णकालिक सदस्य)
एम्स दिल्ली के वर्तमान निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास को स्वास्थ्य क्षेत्र की नीतियों को मजबूती देने के लिए शामिल किया गया है। तीन दशकों से अधिक का शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव। वे पीडियाट्रिक सर्जरी के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने ESIC के तहत कई नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने और चिकित्सा शिक्षा में सुधार लाने में अहम भूमिका निभाई है। श्रीनिवास नीति आयोग में वे सार्वजनिक स्वास्थ्य, चिकित्सा अनुसंधान और 'आयुष्मान भारत' जैसे मिशनों को नई दिशा दे सकते हैं।
प्रो. अभय करंदीकर (पूर्णकालिक सदस्य)
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सचिव और आईआईटी कानपुर के पूर्व निदेशक प्रो. करंदीकर तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा नाम हैं। वे भारत में 5G तकनीक के विकास के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक हैं। 'फ्रूगल 5G' (ग्रामीण भारत के लिए किफायती कनेक्टिविटी) उनका ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। करंदीकर, नीति आयोग में वे डिजिटल परिवर्तन और दूरसंचार नीतियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
प्रो. गोवर्धन दास (पूर्णकालिक सदस्य)
आईआईएसईआर (IISER) भोपाल के निदेशक और जाने-माने इम्यूनोलॉजिस्ट प्रो. दास को वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र से शामिल किया गया है। उनका मुख्य काम 'तपेदिक' (Tuberculosis) और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने पर रहा है। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले प्रो. दास का चयन जमीनी स्तर पर विज्ञान और नवाचार को पहुंचाने के सरकार के लक्ष्य को दर्शाता है।
प्रो. के. वी. राजू (पूर्णकालिक सदस्य)
जाने-माने अर्थशास्त्री और पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्य प्रो. के. वी. राजू को भी पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया है। वे कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ माने जाते हैं।
