मैजिकब्रिक्स (Magicbricks) और रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड सर्वेयर (RICS) इंडिया ने रियल एस्टेट रिसर्च, मार्केट स्टडीज और इंडेक्स को आगे बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह नॉन-कमर्शियल साझेदारी मैजिकब्रिक्स के स्ट्रक्चर्ड रियल एस्टेट डेटा और RICS की रिसर्च व इंडस्ट्री एक्सपर्टाइज को एक साथ लाएगी। इसका मकसद रिसर्च आधारित इनसाइट्स तैयार करना और रियल एस्टेट सेक्टर में नॉलेज शेयरिंग को मजबूत करना है।
मैजिकब्रिक्स और रिक्स इंडिया में हुआ समझौता
रिसर्च रिपोर्ट और रियल एस्टेट इंडेक्स पर सहयोग
इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थाएं को-ऑथर्ड रिसर्च रिपोर्ट, व्हाइट पेपर, मार्केट स्टडी और रियल एस्टेट इंडेक्स तैयार करेंगी। इन आउटपुट को सांख्यिकीय और आर्थिक विश्लेषण का समर्थन मिलेगा। आपसी सहमति से आगे भी रिसर्च और नॉलेज शेयरिंग से जुड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकेंगे। इनमें RICS के सहयोगी संस्थानों, जैसे RICS School of Built Environment के साथ प्रोजेक्ट भी शामिल हो सकते हैं।
Magicbricks देगा डेटा, RICS करेगा समीक्षा
साझेदारी के तहत मैजिकब्रिक्स क्लीन और स्ट्रक्चर्ड रियल एस्टेट डेटा उपलब्ध कराएगा और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया का नेतृत्व करेगा। वहीं, RICS और उसके सहयोगी संस्थान रिपोर्ट की समीक्षा, वैलिडेशन और एनालिटिकल इनपुट उपलब्ध कराएंगे। दोनों संस्थाएं रिपोर्ट जारी करने की योजना भी संयुक्त रूप से तैयार करेंगी। जरूरत के अनुसार इन रिपोर्ट्स को अकादमिक संस्थानों, पॉलिसी मेकर्स और रियल एस्टेट इंडस्ट्री से जुड़े स्टेकहोल्डर्स के साथ भी साझा किया जा सकता है।
रिपोर्ट पर होगी दोनों की को-ब्रांडिंग
दोनों संस्थाओं की सहमति से तैयार होने वाले रिसर्च आउटपुट पर मैजिकब्रिक्स और रिक्स की को-ब्रांडिंग होगी। RICS अपने प्लेटफॉर्म के जरिए रिपोर्ट लॉन्च करने में मदद कर सकता है। साथ ही, दोनों संस्थाएं रिपोर्ट जारी करने को संबंधित इंडस्ट्री और पॉलिसी इवेंट्स के साथ जोड़ सकती हैं।
डेटा प्राइवेसी का भी रखा गया ध्यान
MoU में डेटा प्रोटेक्शन से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। मैजिकब्रिक्स की ओर से उपलब्ध कराया गया पूरा डेटा उसी की संपत्ति रहेगा। साझा किए जाने वाले डेटा में नाम, फोन नंबर, पता और ईमेल आईडी जैसी संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी शामिल नहीं होगी। मैजिकब्रिक्स की पहले से लिखित मंजूरी के बिना रॉ डेटा को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। डेटा का इस्तेमाल डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन रूल्स, 2025 के तहत किया जाएगा।
रिसर्च आउटपुट पर संयुक्त बौद्धिक संपदा अधिकार
रिसर्च रिपोर्ट, इंडेक्स, व्हाइट पेपर और मार्केट स्टडी जैसे संयुक्त रूप से तैयार किए गए आउटपुट पर दोनों का बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) होगा। हालांकि, RICS की अपनी मूल मेथडोलॉजी और एनालिटिकल फ्रेमवर्क पर उसके अधिकार बने रहेंगे।
यह MoU हस्ताक्षर की तारीख से एक साल तक प्रभावी रहेगा। दोनों संस्थाओं की आपसी सहमति से इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है।
