सरकार ने एलपीजी-PNG और 5 किलो वाले सिलेंडर पर दिया बड़ा अपडेट, सुनकर आप भी हो जाएंगे खुश

ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने रसोई गैस को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। अब पीएनजी (PNG) को अनिवार्य किया जा रहा है और 5 किलो वाले सिलेंडरों की सप्लाई बढ़ाई गई है। साथ ही, एलपीजी छोड़ने पर सिक्योरिटी डिपॉजिट वापसी की सुविधा भी दी गई है।

देश में ऊर्जा संकट और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत सरकार ने रसोई गैस और बिजली क्षेत्र को लेकर कई बदलाव किए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार अब पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों के बजाय पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को तेजी से बढ़ावा दे रही है। पिछले महज पांच हफ्तों में देश के 4 लाख से अधिक घरों को एलपीजी से पीएनजी कनेक्शन में शिफ्ट कर दिया गया है। यह कदम न केवल उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक है, बल्कि इससे गैस की बर्बादी भी कम होगी। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि जिन इलाकों में गैस पाइपलाइन का नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां लोग पीएनजी का ही इस्तेमाल करें। इसके लिए मंत्रालय ने कड़े नियम भी बनाए हैं अगर पाइपलाइन उपलब्ध होने के बावजूद कोई उपभोक्ता तीन महीने के भीतर पीएनजी नहीं अपनाता, तो उसकी एलपीजी सप्लाई स्थायी रूप से बंद की जा सकती है।

LPG To PNG

हर दिन 1 लाख 5 किलो वाले सिलेंडर बांटें जा रहे

इस बदलाव को आसान बनाने के लिए सरकार ने एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है। जो लोग स्वेच्छा से अपना एलपीजी सिलेंडर छोड़ना चाहते हैं, सरकार उनके घर से सिलेंडर वापस लेगी और उनकी सिक्योरिटी डिपॉजिट (जमानत राशि) भी सम्मानजनक तरीके से लौटा दी जाएगी। वहीं, छोटे परिवारों और मजदूरों की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने 5 किलोग्राम वाले 'छोटू' सिलेंडरों का वितरण भी तेज कर दिया है। हर दिन लगभग 1 लाख ऐसे छोटे सिलेंडर बांटे जा रहे हैं ताकि किसी भी स्तर पर ईंधन की कमी न हो। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने आश्वस्त किया है कि फिलहाल देश में घरेलू एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और हमारे पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। भारत अब अपनी घरेलू जरूरत का लगभग 60% एलपीजी खुद तैयार कर रहा है, जो आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है।

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