May 1 LPG Rule Changes: हर महीने की पहली तारीख को कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा की जाती है, लेकिन इस बार 1 मई 2026 से केवल कीमतों में ही नहीं, बल्कि सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना है। सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल (Indane), भारत पेट्रोलियम (BharatGas) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP Gas) अपने डिलीवरी सिस्टम को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू करने जा रही हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य गैस की कालाबाजारी को रोकना और सही ग्राहक तक सब्सिडी और सिलेंडर पहुंचाना है।
डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) पर जोर
1 मई से लागू होने वाले नियमों में 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) की भूमिका और भी अहम हो जाएगी। अब तक कई क्षेत्रों में बिना ओटीपी (OTP) के भी सिलेंडर की डिलीवरी हो जाती थी, लेकिन नई व्यवस्था के तहत इसे अनिवार्य किया जा सकता है। इसका मतलब है कि जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर आएगा, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड आएगा। वह कोड मशीन में दर्ज करने के बाद ही डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। यदि आपका मोबाइल नंबर गैस एजेंसी के पास अपडेटेड नहीं है, तो आपको सिलेंडर लेने में मुश्किल आ सकती है। इसलिए, ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपना फोन नंबर और पता अपडेट करवा लें।
कीमतों में बदलाव की उम्मीद
नियमों के साथ-साथ 1 मई को गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और अंतरराष्ट्रीय गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रेट तय करती हैं। पिछले कुछ हफ्तों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट को देखते हुए विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी या कटौती हो सकती है। हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर सरकार का रुख फिलहाल राहत देने वाला रहा है, लेकिन आधिकारिक घोषणा 1 मई की सुबह ही होगी।
केवाईसी (KYC) और एड्रेस वेरिफिकेशन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन ग्राहकों की केवाईसी (KYC) काफी समय से पेंडिंग है, उनके लिए नियमों को सख्त किया जा सकता है। तेल कंपनियां उन कनेक्शनों की छंटनी कर रही हैं जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं या जहां एक ही नाम पर कई कनेक्शन चल रहे हैं। 1 मई से ऐसी सुरक्षा जांच बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा, जो लोग घर बदलते हैं और अपना पता अपडेट नहीं करवाते, उन्हें बुकिंग के समय नई बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। सरकार का लक्ष्य 'वन नेशन, वन गैस कनेक्शन' जैसी पारदर्शिता लाना है ताकि जरूरतमंदों को ही सब्सिडी का लाभ मिल सके।
डिजिटल बुकिंग
1 मई से डिजिटल पेमेंट और बुकिंग को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। कंपनियां चाहती हैं कि ग्राहक एजेंसी जाने या कैश देने के बजाय मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप या ऑनलाइन पोर्टल्स के जरिए भुगतान करें। कुछ विशेष स्थितियों में ऑनलाइन भुगतान करने वाले ग्राहकों को रिवॉर्ड्स या डिलीवरी में प्राथमिकता जैसे लाभ भी दिए जा सकते हैं। इससे न केवल ग्राहकों का समय बचेगा, बल्कि कैशलेस लेनदेन को भी मजबूती मिलेगी।
