LIC Will launch New Claim Settlement Process And Loan Facility: प्राइवेट सेक्टर के बढ़ते चैलेंज के बीच LIC अब बड़े बदलाव करने जा रही है। इसके तहत वह क्लेम सेटलमेंट प्रॉसेस, लोन सुविधा सहित कई अहम सर्विस का डिजिटल लांच करने जा रही है। एलआईसी की इस समय लाइफ इंश्योरेंस सेगमेंट में करीब 58 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी इसके लिए वित्तीय प्रौद्योगिकी इकाई स्थापित करने की संभावना तलाश रही है। इस कड़ी में एलआईसी ने संपूर्ण डिजिटल बदलाव परियोजना डीआईवीई (डिजिटल इनोवेशन एंड वैल्यू एन्हांसमेंट) शुरू की है। परियोजना के लिए एक सलाहकार भी नियुक्त किया है।
डिजिटल अवतार में LIC
क्या है प्लानिंग
एलआईसी चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि दावा निपटान, लोन और अन्य सेवाएं जैसी सेवाएं एक बटन के ‘क्लिक’ पर उपलब्ध कराई जाएंगी। एलआईसी ने संपूर्ण डिजिटल बदलाव परियोजना डीआईवीई (डिजिटल इनोवेशन एंड वैल्यू एन्हांसमेंट) शुरू की है। हमारा मकसद अपने सभी हितधारकों, ग्राहकों, मध्यस्थों, मार्केटिंग से जुड़े लोगों और हर किसी के लिए श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ डिजिटल पहल स्थापित करना है।उन्होंने कहा कि एलआईसी को ज्यादातर नए ग्राहक अपने एजेंट के जरिए मिलते हैं। इसके बाद अन्य क्षेत्रों में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
घर बैठे कस्टमर का होगा काम
मोहंती ने कहा कि ग्राहकों को कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। वह घर बैठे अपने मोबाइल के जरिए हमारी जरूरी सेवाओं तक पहुंच बना सकते हैं... हम वित्तीय प्रौद्योगिकी पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और कारोबार के विस्तार में इसकी क्षमता का इस्तेमाल करेंगे। एलआईसी ने उत्पाद वितरण के लिए चालू वर्ष में अब तक तीन वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को कॉर्पोरेट एजेंट के रूप में जोड़ा है। एलआईसी ने चालू वित्त वर्ष 2023-24 में नई पॉलिसी के प्रीमियम में डबल डिजिट मे वृद्धि हासिल करने के उद्देश्य से आने वाले महीनों में तीन से चार नए उत्पाद पेश करने की योजना बनाई है।
दिसंबर में नया प्रोडक्ट
उन्होंने कहा कि एलआईसी दिसंबर के पहले सप्ताह में एक नया प्रोडक्ट लांच करने जा रही है। उम्मीद है बाजार में इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिलेगी।नई सेवा की कुछ विशेषताएं साझा करते हुए मोहंती ने कहा कि यह सुनिश्चित रिटर्न प्रदान करेगी और इसके पूर्ण होने के बाद बाद पॉलिसीधारक को जीवन भर बीमा राशि का 10 प्रतिशत मिलेगा।उन्होंने विश्वास जताया कि नई सेवा बाजार में हलचल लाएगी क्योंकि हर कोई जानना चाहता है कि वह कितना भुगतान कर रहा है और 20-25 वर्षों के बाद उसे कितना प्रतिफल मिलेगा।
