Kiwi Export : अरुणाचल प्रदेश के कृषि और बागवानी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक खबर आई है। राज्य में उगाई गई कीवी की पहली खेप को परीक्षण (ट्रायल) के तौर पर दुबई के अंतरराष्ट्रीय बाजार में सफलतापूर्वक भेजा गया है। इस उपलब्धि के बाद स्थानीय किसानों और बागवानी उद्योग में खुशी की लहर है। जानकारों का मानना है कि इस पहल से पूर्वोत्तर भारत के किसानों को न केवल अपनी फसल का बेहतर दाम मिलेगा, बल्कि विदेशी बाजारों तक सीधी पहुंच बनाने में भी मदद मिलेगी।
अरुणाचल कीवी का दुबई में जलवा, गूंजी भारतीय बागवानी की धमक
दुबई के लुलु हाइपरमार्केट में सजने लगी अरुणाचल की कीवी
ईटानगर से 26 अक्टूबर को रवाना की गई कीवी की यह पहली खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई पहुंच चुकी है। फिलहाल इसे दुबई के अल कुसैस स्थित प्रसिद्ध 'लुलु हाइपरमार्केट' में ग्राहकों के लिए प्रदर्शित और बेचा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर अरुणाचल प्रदेश के बागवानी उत्पादों की मांग और संभावनाओं को टटोलना है, ताकि आने वाले समय में नियमित रूप से यहाँ से फलों का निर्यात किया जा सके।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बताया किसानों की बड़ी जीत
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस ऐतिहासिक मौके पर खुशी जताते हुए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह केवल निर्यात से जुड़ी कोई आम उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह हमारे मेहनती किसानों की मेहनत की बड़ी जीत है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कदम से राज्य के फल अब सीधे अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों की आजीविका मजबूत होगी और किसानों की आय में भारी बढ़ोतरी होगी।
विभिन्न विभागों के मिले-जुले प्रयासों से मिली सफलता
कीवी को दुबई तक सुरक्षित और समय पर पहुंचाने में कई सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री खांडू ने अरुणाचल के व्यापार एवं वाणिज्य विभाग, बागवानी विभाग, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) तथा स्थानीय 'कीवी उत्पादक सहकारी समिति' के साझे प्रयासों की जमकर सराहना की। इन सभी के तालमेल की बदौलत ही पूर्वोत्तर की कीवी विदेशी बाजार में अपनी पहचान बना सकी है।
राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक नया सवेरा
इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री चोवना मेन ने भी इसे बागवानी क्षेत्र का एक बड़ा मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि निरंतर सरकारी सहायता, बेहतर पैकेजिंग और मजबूत बाजार नेटवर्क के जरिए अरुणाचल प्रदेश के जैविक और समृद्ध कृषि उत्पादों को आसानी से दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे आने वाले दिनों में अरुणाचल के अन्य कृषि और बागवानी उत्पादों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार के दरवाजे खुलेंगे।
