Byju's EGM And High Court Order:कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बायजू के कुछ निवेशकों की तरफ से बुलायी गई असाधारण आम बैठक (ईजीएम) पर रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया। यह बैठक एडुटेक कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बायजू रवीन्द्रन और उनके परिवार के सदस्यों को महत्वपूर्ण पदों से हटाने के प्रस्ताव पर मतदान के लिए बुलाई गई है।बायजू का संचालन करने वाली थिंक एंड लर्न प्राइवेट लि. ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में अर्जी देकर ईजीएम पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। लेकिन अदालत ने केवल अंतरिम राहत दी है। उसने कहा कि शुक्रवार को ईजीएम की बैठक में पारित प्रस्ताव को मामले में अगली सुनवाई तक लागू नहीं किया जाएगा।
बायजू फाउंडर को राहत नहीं
इसके पहले बायजू में संयुक्त रूप से लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले शेयरधारकों के एक समूह ने रवींद्रन के नेतृत्व पर कई तरह की गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए शीर्ष प्रबंधन को हटाने के लिए एक असाधारण आम बैठक (ईजीएम) बुलाई है। इस संदर्भ में बायजू संस्थापक ने शेयरधारकों को संबोधित पत्र में कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व हमारे संबंधों को प्रतिकूल ढंग से पेश कर रहे हैं। टकराव से कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है। रवींद्रन पहले ही कंपनी के निदेशक मंडल के पुनर्गठन और दो गैर-कार्यकारी निदेशकों की नियुक्ति की पेशकश कर चुके हैं।
अदालत ने क्या कहा
अदालत ने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि असाधारण आम बैठक (ईजीएम) बुलाने की शर्तों का पालन नहीं किया गया है और कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 100 (3) के तहत इस संदर्भ में कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। आदेश के अनुसार, संबंधित कंपनी के शेयरधारकों की 23 फरवरी, 2024 को होने वाली ईजीएम में लिया गया कोई भी निर्णय सुनवाई की अगली तारीख तक प्रभावी नहीं होगा। इसकी बायजू के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बायजू रवींद्रन ने बुधवार को कहा कि कंपनी का 20 करोड़ डॉलर के राइट्स इश्यू को पूर्ण अभिदान मिल गया है और सभी शेयरधारक ‘नवीनीकृत मिशन’ का हिस्सा बनें।
रविंद्रन ने शेयरधारकों को लिखा लेटर
बायजू ब्रांड के तहत परिचालन करने वाली कंपनी ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ ने 22 अरब डॉलर के अपने उच्च मूल्यांकन की तुलना में 99 प्रतिशत कम उद्यम मूल्यांकन पर 20 करोड़ डॉलर का राइट्स इश्यू जारी किया है। वित्तीय संकट गहराने के बाद इसका उद्यम मूल्य काफी घट गया है।रवींद्रन ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में कहा कि हमारे राइट्स इश्यू को पूरी तरह से खरीद लिया गया है और मैं शेयरधारकों के प्रति कृतज्ञ हूं। लेकिन मेरी सफलता का मानदंड राइट्स इश्यू में सभी शेयरधारकों की भागीदारी है।
उन्होंने कहा कि हमने इस कंपनी को एक साथ बनाया है और मैं चाहता हूं कि हम सभी इस नवीनीकृत मिशन में शामिल हों। रवींद्रन ने कहा कि कंपनी राइट्स इश्यू के माध्यम से जुटाए गए धन के इस्तेमाल की निगरानी के लिए एक बाहरी एजेंसी को नियुक्त करेगी। इसके साथ ही रवीन्द्रन ने मूल्यांकन पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि राइट्स इश्यू से पहले और बाद में कंपनी का स्वामित्व नहीं बदलता है। लिहाजा मूल्यांकन का सवाल ही अप्रासंगिक है क्योंकि मूल्य संरक्षण कायम रखा गया है।
