Japan International Cooperation Agency (जेआईसीए) ने मंगलवार को भारत सरकार के साथ चार अहम परियोजनाओं के लिए ऋण समझौते किए। यह कदम देश के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है। इन परियोजनाओं में पंजाब में सतत (सस्टेनेबल) बागवानी को बढ़ावा देने की योजना शामिल है, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र मजबूत होगा।
इन चार परियोजनाओं में अलग-अलग क्षेत्रों के विकास पर खास ध्यान दिया गया है।
इसके अलावा, मुंबई मेट्रो लाइन परियोजना भी इसमें शामिल है, जो शहर में बेहतर और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करेगी। इन सभी चार परियोजनाओं के लिए कुल 16,420 करोड़ रुपये का ऋण तय किया गया है, जिससे देश के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
(जेआईसीए) ने अपने बयान में बताया कि भारत सरकार के साथ चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) के तहत ऋण देने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता नई दिल्ली में हुआ, जिसमें वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों विभाग के संयुक्त सचिव Alok Tiwari और जेआईसीए इंडिया कार्यालय के मुख्य प्रतिनिधि Takeuchi Takuro शामिल रहे। इस समझौते के जरिए इन परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित की गई है, जिससे इनके काम को आसानी और तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा
इन चार परियोजनाओं में अलग-अलग क्षेत्रों के विकास पर खास ध्यान दिया गया है। महाराष्ट्र में एक ऐसी परियोजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा, साथ ही मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली को भी मजबूत किया जाएगा। इसके लिए लगभग 6,229.4 करोड़ जापानी येन का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा, पंजाब में सतत बागवानी को बढ़ावा देने की योजना है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और खेती को ज्यादा टिकाऊ बनाया जा सकेगा। इस परियोजना के लिए 1,868.4 करोड़ जापानी येन तय किए गए हैं।
शहरी परिवहन को बेहतर बनाने के लिए Bangalore Metro Rail Project Phase 3 के तीसरे चरण पर भी काम किया जाएगा, जिसके लिए 10,248 करोड़ जापानी येन का प्रावधान है। वहीं, Mumbai Metro Line 11 परियोजना पर भी 9,240 करोड़ जापानी येन खर्च किए जाएंगे, जिससे मुंबई में यातायात व्यवस्था और सुगम होगी। इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य देश में स्वास्थ्य, कृषि और परिवहन जैसे अहम क्षेत्रों को मजबूत करना है।
