इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन चल रहा है और आखिरी तारीख 15 सितंबर 2025 नजदीक है। अब तक 4.45 करोड़ से ज्यादा लोग अपना रिटर्न भर चुके हैं। इस बार कई टैक्सपेयर्स को उनका रिफंड बेहद तेजी से मिला है, सिर्फ 2 से 4 घंटे में! वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें एक महीने से रिफंड का इंतजार करना पड़ रहा है।
किसे जल्दी मिल रहा रिफंड?
जिन लोगों ने ITR-1 या ITR-4 फाइल किया है, उनका रिफंड सबसे तेजी से मिल रहा है। ये फॉर्म आम तौर पर सैलरी पाने वालों और छोटे कारोबारियों के लिए होते हैं, जिनका टैक्स ढांचा आसान होता है। ऐसे मामलों में टैक्स डिपार्टमेंट को ज्यादा जांच नहीं करनी पड़ती और इसलिए रिफंड तुरंत प्रोसेस हो जाता है।
लेकिन जिन लोगों ने ITR-2 या ITR-3 जैसे जटिल रिटर्न भरे हैं, उनका रिफंड आने में समय लग रहा है। इसके अलावा, हाल ही में इनकम टैक्स पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतें भी आई थीं, जिसकी वजह से उस दौरान दाखिल किए गए रिटर्न प्रोसेस नहीं हो पाए। साथ ही, कई बार फॉर्म 26AS और ITR में दी गई जानकारी में गड़बड़ी होने के कारण भी रिफंड अटक जाता है। अगर टैक्सपेयर की आय बिजनेस या अलग-अलग स्रोतों से आती है, तो विभाग को अतिरिक्त जांच करनी पड़ती है और इसी वजह से रिफंड आने में देर होती है।
देरी क्यों हो रही है?
अगर आपका रिफंड लेट हो रहा है, तो सबसे पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें। अगर वहां “Processing” लिखा है, तो आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। लेकिन अगर कहीं कोई गलती या मिसमैच है, तो सेक्शन 143(1) के नोटिस को ध्यान से पढ़ें और उसके हिसाब से Rectification फाइल करें। जरूरत पड़ने पर आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं या फिर हेल्पलाइन से भी मदद ले सकते हैं।
यानी अगर आपका रिफंड देर से मिल रहा है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सही जानकारी और समय पर सुधार करने से आपकी परेशानी दूर हो सकती है।
