ITR Filing 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आयकर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ईमानदार करदाताओं के लिए टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाओं को और आसान बनाएं, जबकि जानबूझकर कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि कर प्रशासन का उद्देश्य केवल राजस्व जुटाना नहीं है, बल्कि पारदर्शिता, बेहतर सेवाएं, व्यापार में आसानी और करदाताओं का भरोसा बढ़ाना भी है। वित्त मंत्री ने यह बात 167वें आयकर दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि समय के साथ आयकर विभाग की भूमिका में बड़ा बदलाव आया है। अब विभाग केवल टैक्स लेने वाली संस्था नहीं रह गया है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में भागीदार की भूमिका निभा रहा है।
सीतारमण का आयकर विभाग को आदेश- ईमानदारों को सम्मान, टैक्स चोरी करने वालों पर सख्त वार (तस्वीर-X)
करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था पर जोर
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा कर प्रशासन तैयार करना है, जिसमें ईमानदार लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टैक्स कानूनों का इस्तेमाल जिम्मेदारी और विनम्रता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर करदाता केवल टैक्स आकलन का हिस्सा नहीं है, बल्कि वह देश का नागरिक और विकास में योगदान देने वाला साझेदार है। इसलिए विभाग को करदाताओं के साथ सहयोग और सेवा भाव से काम करना चाहिए। वित्त मंत्री ने पांच प्रमुख प्राथमिकताओं पर भी जोर दिया। इनमें पहचान, प्रतिक्रिया, निवारण, समीक्षा और सुधार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राथमिकताओं के जरिए कर व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी और भरोसेमंद बनाया जा सकता है।
नया आयकर कानून और डिजिटल व्यवस्था से सुधार
वित्त मंत्री ने बताया कि आयकर अधिनियम, 2025 लागू होने से टैक्स कानूनों को सरल बनाया गया है। इससे करदाताओं के लिए नियमों को समझना आसान हुआ है और अनिश्चितता कम हुई है। साथ ही अनुपालन यानी टैक्स नियमों का पालन करने की लागत में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल की क्षमता बढ़ाई गई है, जिससे रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया पहले से बेहतर हुई है। इस बार एक दिन में एक करोड़ से अधिक करदाताओं की रिटर्न प्रक्रिया को संभाला गया, जबकि व्यस्त समय में यह संख्या 1.6 करोड़ तक पहुंच गई।
3.2 करोड़ से ज्यादा आईटीआर दाखिल
वित्त मंत्री ने बताया कि मौजूदा आयकर रिटर्न सत्र में 21 जुलाई तक 3.2 करोड़ से ज्यादा रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें करीब 94 प्रतिशत रिटर्न का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 60 प्रतिशत रिटर्न का निपटारा भी किया जा चुका है। इसके अलावा 1.3 करोड़ से ज्यादा रिफंड दावे किए गए हैं। इनमें से 96 प्रतिशत दावों का सत्यापन और 40 प्रतिशत मामलों का निपटान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि रिफंड प्रक्रिया तेज होने से करदाताओं का भरोसा बढ़ता है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
विवाद कम करने और कर निश्चितता बढ़ाने पर फोकस
सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य टैक्स विवादों को कम करना और करदाताओं को निश्चितता देना है। उन्होंने कहा कि केवल विवादों को सुलझाने के बजाय अब विवादों को पैदा होने से रोकने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि कर निश्चितता स्वैच्छिक अनुपालन की मजबूत नींव है। जब करदाताओं को नियमों की स्पष्ट जानकारी होगी तो वे आसानी से टैक्स नियमों का पालन करेंगे।
शिकायतों के समाधान में भी सुधार
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 2.24 लाख अपीलों का निपटारा किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि विभाग ने कानूनों को स्पष्ट बनाने, प्रक्रियाओं को आसान करने और तकनीक के इस्तेमाल से टैक्स विवादों को कम करने की दिशा में काम किया है।
वहीं, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया में भी सुधार हुआ है। पिछले वित्त वर्ष में सीपीग्राम्स के तहत मिली 77,765 शिकायतों में से 72,933 शिकायतों का समाधान किया गया। इसके अलावा ई-निवारण प्रणाली के तहत प्राप्त 3,43,269 शिकायतों में से 95 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया गया। उन्होंने कहा कि विभाग अब बार-बार आने वाली शिकायतों के मूल कारणों को पहचानकर उन्हें खत्म करने पर काम कर रहा है, ताकि करदाताओं को शुरुआत से ही कम परेशानियों का सामना करना पड़े।
