ITR Filing 2024: वित्त वर्ष 2023-24 (एसेसमेंट ईयर 2024-25) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का मौसम चल रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2020 में नई इनकम टैक्स रिजीम (New Income Tax Regime) पेश की थी जिसमें टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया था और टैक्सपेयर्स को रियायती टैक्स दरों की पेशकश की गई थी। अब नई रिजीम डिफॉल्ट कर दी गई यानी आपने अगर नई या पुरानी टैक्स रिजीम में से किसी एक का चयन नहीं किया तो स्वत: नई टैक्स रिजीम के तहत आ जाएंगे। नई टैक्स रिजीम और पुरानी टैक्स रिजीम में अंतर है। दोनों के सरचार्ज रेट में अंतर है। पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) में अधिकतम 37 प्रतिशत तक सरचार्ज है। जबकि नई टैक्स व्यवस्था में अधिकतम सरचार्ज 25 प्रतिशत तक देना होता है।
पुरानी टैक्स रिजीम और नई टैक्स रिजीम में अंतर
सरचार्ज क्या है?
सरचार्ज एक अतिरिक्त चार्ज है जो निर्दिष्ट सीमा से अधिक आय अर्जित करने वाले व्यक्तियों पर लगाया जाता है, यह लागू दरों के अनुसार गणना की गई इनकम टैक्स की राशि पर लगाया जाता है। अगर किसी व्यक्ति की आय 50 लाख रुपए से अधिक है तो इनकम टैक्स पर सरचार्ज लगाया जाता है, जबकि कंपनियों के मामले में यह सीमा 1 करोड़ रुपए है।
पुरानी इनकम टैक्स रिजीम में सरचार्ज रेट
- 50 लाख रुपये तक - शून्य
- 50 लाख रुपये से अधिक और 1 करोड़ रुपये तक - 10%
- 1 करोड़ रुपये से अधिक और 2 करोड़ रुपये तक - 15%
- 2 करोड़ रुपये से अधिक और 5 करोड़ रुपये तक - 25%
- 5 करोड़ रुपये से ऊपर - 37%
नई इनकम टैक्स रिजीम में सरचार्ज रेट
- 50 लाख रुपये तक - शून्य
- 50 लाख रुपये से अधिक और 1 करोड़ रुपये तक - 10%
- 1 करोड़ रुपये से अधिक और 2 करोड़ रुपये तक - 15%
- 2 करोड़ रुपये से अधिक और 5 करोड़ रुपये तक - 25%
- 5 करोड़ रुपये से ऊपर - 25%
