IT Stocks Crash : क्यों अमेरिकी कंपनियो के छींकते ही, भारत के IT Sector को आ जाता है बुखार?

अमेरिका की आईटी कंपनियों के स्टॉक्स में जैसे ही गिरावट आती है, तो भारतीय आईटी सेक्टर क्रैश करने लगता है। इस साल Nifty IT क्रैश से उबर नहीं पाया है। यह 5 साल के निचले स्तर पर आ गया है।

IT Stocks Crash : अमेरिकी आईटी दिग्गज कंपनी Accenture के तिमाही नतीजे आए और कुछ ही घंटों में भारत के आईटी शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई। TCS, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra जैसे दिग्गज शेयर टूट गए, जबकि Nifty IT इंडेक्स तीन साल के निचले स्तर तक फिसल गया। सवाल यह है कि आखिर अमेरिका की एक कंपनी के कमजोर संकेतों से भारत का पूरा आईटी सेक्टर क्यों हिल जाता है? इसका जवाब दोनों देशों के आईटी कारोबार के गहरे रिश्ते में छिपा है।

IT Stocks Crash

अमेरिकी आइटी इंडस्ट्री में नरमी से भारत में क्रैश

अमेरिका से जुड़ी नब्ज

भारतीय आईटी उद्योग का सबसे बड़ा ग्राहक अमेरिका है। TCS, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra जैसी कंपनियों के कुल कारोबार का 50% से 65% हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है। इनमें भी सबसे बड़े ग्राहक बैंक, बीमा कंपनियां, रिटेल चेन, हेल्थकेयर कंपनियां और टेक्नोलॉजी फर्म हैं। जब अमेरिकी कंपनियां खर्च बढ़ाती हैं, तो भारतीय आईटी कंपनियों को ज्यादा प्रोजेक्ट मिलते हैं। लेकिन, जब अमेरिका में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, ब्याज दरें ऊंची रहती हैं या कंपनियां लागत घटाने लगती हैं, तो सबसे पहले टेक्नोलॉजी बजट पर असर पड़ता है। यही असर भारतीय कंपनियों के ऑर्डर बुक में दिखाई देता है।

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