Gold Outlook: वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी के बीच शुक्रवार को सोने की कीमतों में तेजी देखी गई। लेकिन जानकारों का मानना है कि कुछ समय सोने पर दबाव रहने की संभावना है। कमजोर वैश्विक इक्विटी बाजारों के मद्देनजर सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन जानकार इस बात से पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं कि सोने की कीमतों में यह तेजी जारी रहेगी। दरअसल सोने की कीमतों पर दबाव बने रहने की संभावना है, क्योंकि ट्रेडर्स फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर अधिक जानकारी हासिल करने के लिए अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। मगर सोने की कीमतें गिरी हैं, इसलिए निवेश के लिए देखा जाए तो ये अच्छा मौका हो सकता है।
सोने के लिए आउटलुक पॉजिटिव
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क्यों बढ़ सकती है सोने की कीमत (Gold Price Outlook)
अगर अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल डेटा में कमजोरी दिखती है, तो इससे सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, मजबूत डेटा निवेशकों को इक्विटी जैसी रिस्क वाली एसेट्स में पैसा लगाने के लिए आकर्षित कर सकता है।
जानकारों का मानना है कि ईरान-इजराइल में बढ़ रहे तनाव से सोना निवेशकों के लिए एक सुरक्षित निवेश ऑप्शन बनेगा, जिससे इसकी मांग बढ़ेगी।
कहां तक जा सकते हैं रेट
बीते गुरुवार को जारी हुआ अमेरिकी इकोनॉमिक डेटा मिक्स रहा। बेरोजगारी के दावे पिछले 2,35,000 से बढ़कर 2,49,000 हो गए, जो अगस्त 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। अमेरिकी फ्लैश मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई डेटा निराशाजनक रहा, जो नवंबर 2023 के बाद से सबसे कम रीडिंग को दर्शाता है। इससे चांदी की कीमत को कम हुई।
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए है मौका
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार जानकारों का मानना है कि मांग को लेकर सकारात्मक माहौल को देखते हुए, लॉन्ग टर्म निवेशक सोने में अपनी होल्डिंग बढ़ाने के लिए मौजूदा गिरावट का उपयोग खरीद के अवसर के रूप में कर सकते हैं।
