Sir Ratan Tata Trust News : टाटा समूह के चैरिटेबल ट्रस्ट्स के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। समूह की होल्डिंग कंपनी 'टाटा संस' की महत्वपूर्ण सालाना आम बैठक (AGM) से ठीक पहले 'सर रतन टाटा ट्रस्ट' (SRTT) में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। ट्रस्ट के वाइस चेयरमैन और पूर्व रक्षा सचिव विजय सिंह ने सर रतन टाटा ट्रस्ट के न्यासी (ट्रस्टी) पद से अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 14 अगस्त को अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद इसे आगे न बढ़ाने का फैसला किया। हालांकि, वह 'सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट' (SDTT) के ट्रस्टी पद पर बने रहेंगे।
टाटा ट्रस्ट्स में फिर खींचतान (तस्वीर-X)
ट्रस्टियों के बीच मतभेद और नियमों के उल्लंघन का मामला
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सर रतन टाटा ट्रस्ट के न्यासियों के बीच आपसी मतभेद गहरे हो गए हैं। ट्रस्ट के बोर्ड गठन से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन की शिकायत के बाद महाराष्ट्र राज्य चैरिटी कमिश्नर ने मामले की जांच पेंडिंग रहने तक ट्रस्ट को अपने बोर्ड की बैठकें आयोजित करने से रोक दिया है। इस प्रतिबंध के खिलाफ ट्रस्ट ने चैरिटी कमिश्नर से संपर्क किया है, ताकि 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की एजीएम से पहले कोई रास्ता निकल सके।
टाटा संस की एजीएम और एन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति
टाटा संस की आगामी एजीएम बेहद अहम मानी जा रही है। इस बैठक में एन चंद्रशेखरन को डायेरक्टर के रूप में फिर से नियुक्त करने के प्रस्ताव पर मुहर लगनी है। चंद्रशेखरन का टाटा संस के चेयरमैन पद पर बने रहना सीधे तौर पर निदेशक मंडल में उनकी मौजूदगी से जुड़ा हुआ है। ट्रस्ट की बैठकों पर लगी रोक के कारण एजीएम में सर रतन टाटा ट्रस्ट की भागीदारी को लेकर संशय बना हुआ है।
टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट कराने पर रार
ट्रस्ट के भीतर इस मतभेद की मुख्य वजह टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध (लिस्ट) करने को लेकर बनी अलग-अलग राय है। विजय सिंह और उनके साथी ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन सार्वजनिक रूप से टाटा संस की लिस्टिंग का समर्थन कर रहे हैं। उनका मानना है कि कंपनी को बाजार में लिस्ट किया जाना चाहिए। वहीं, दूसरी ओर टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा इस कदम के सख्त खिलाफ हैं। लिस्टिंग को लेकर ट्रस्टियों के बीच बना यही वैचारिक मतभेद अब इस्तीफे और कानूनी अड़चनों के रूप में बाहर आ रहा है।
