Iran Crisis: सोना-चांदी, शेयर बाजार और बिटकॉइन सब धड़ाम, अब क्या करें आम निवेशक?

ईरान-इजरायल युद्ध की आहट से ग्लोबल मार्केट में हाहाकार मचा है। सोने, चांदी और बिटकॉइन जैसी सुरक्षित संपत्तियों के साथ शेयर बाजार भी धराशायी हो गया है। ऐसे संकट के समय में आम निवेशक पैनिक में आकर बड़ी गलतियां कर बैठते हैं। आइए जानते हैं एक्सपर्ट की राय क्या यह पैसा निकालने का वक्त है या धैर्य के साथ बने रहने का?

दुनिया भर के वित्तीय बाजारों (Financial Markets) के लिए बीता एक महीना किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग की चिंगारी अब ग्लोबल इकोनॉमी को झुलसा रही है। इस भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) का असर इतना गहरा है कि शेयर बाजार (Equity Market) से लेकर सुरक्षित समझे जाने वाले सोना-चांदी और नई जमाने की डिजिटल करेंसी बिटकॉइन तक, सब धड़ाम हो गए हैं। लाल निशानों से सने बाजार को देखकर आम निवेशक बुरी तरह डरा हुआ है। चारों तरफ मची इस तबाही के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अब क्या किया जाए? क्या अपनी जमा-पूंजी को बचाने के लिए पैसा निकाल लेना सही है या फिर ठहरने में ही समझदारी है?

Iran War Crisis

बाजार में गिरावट और आम निवेशक की मनोदशा

जब भी युद्ध जैसी स्थितियां पैदा होती हैं, तो बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन जाता है। निवेशक 'रिस्क' लेने से डरते हैं और अपना पैसा सुरक्षित ठिकानों की ओर ले जाने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस बार ईरान-इजरायल युद्ध ने सोने और चांदी जैसी कमोडिटीज को भी नहीं बख्शा, क्योंकि डॉलर की मजबूती और वैश्विक सप्लाई चैन टूटने के डर ने हर एसेट क्लास पर दबाव बना दिया है। ऐसे में एक आम निवेशक के लिए पैनिक (Panic) होना स्वाभाविक है। लेकिन इतिहास गवाह है कि युद्ध या संकट के समय की गई जल्दबाजी अक्सर बड़े वित्तीय नुकसान का कारण बनती है।

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