ईरान वॉर से महंगा हुआ पानी पीना, अब एक लीटर बोतल के लिए देने होंगे इतने ज्यादा पैसे!

ईरान और मिडिल ईस्ट की जंग का असर अब पीने के पानी पर भी दिख रहा है, कच्चे तेल के बढ़ते दामों ने प्लास्टिक बोतलों और पैकेजिंग की लागत 70% तक बढ़ा दी है, जिससे बिसलेरी और पेप्सी जैसे ब्रांड्स 11% महंगे हो गए हैं। जानिए अब आपको एक लीटर पानी के लिए कितने पैसे चुकाने होंगे।

अभी तक हम यही सोच रहे थे कि ईरान और मिडिल ईस्ट की जंग सिर्फ पेट्रोल-डीजल या गैस सिलेंडर को महंगा करेगी, लेकिन अब यह महंगाई आपकी प्यास तक पहुंच चुकी है। जी हां, रसोई और गाड़ी के बाद अब आपकी मेज पर रखी पानी की बोतल भी जंग की आग की लपेट में आ गई है और तपकर महंगी हो गई है। देश की दिग्गज पानी कंपनियों ने बोतलबंद पानी की कीमतों में 11 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। साफ़ पानी पीने के लिए भारत जैसे देश में बोतलबंद पानी का महंगा होना आम आदमी की जेब पर एक बड़ा 'वॉटर स्ट्राइक' है।

Iran War Impact in Water

क्यों बढ़ीं पानी की कीमतें

मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध का असर भारत के पांच अरब डॉलर के बोतलबंद पानी के बाजार पर साफ दिखने लगा है। बिसलेरी, कोका-कोला, पेप्सी, रिलायंस और टाटा जैसी बड़ी कंपनियों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच अब कीमतों को बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है। इस महंगाई की सबसे बड़ी वजह कच्चा तेल (Crude Oil) है। दरअसल, प्लास्टिक की बोतलें और उनके ढक्कन बनाने के लिए 'पॉलिमर' की जरूरत होती है, जो कच्चे तेल से बनता है। युद्ध के कारण तेल महंगा हुआ, जिससे पॉलिमर की लागत बढ़ गई और देखते ही देखते प्लास्टिक की बोतलों और ढक्कनों के दाम आसमान छूने लगे। इसका सीधा बोझ अब कंपनियों ने ग्राहकों के कंधों पर डाल दिया है।

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