ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध का असर! भारतीय दवा कंपनियों को 5000 करोड़ रुपये तक का नुकसान संभव

India pharmaceutical exports: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ती वैश्विक ढुलाई लागत के कारण भारतीय दवा उद्योग को मार्च में निर्यात में गंभीर व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है। फार्मेक्सिल के अनुसार, इससे उद्योग को लगभग 2,500 करोड़ रुपये से 5,000 करोड़ रुपये तक का संभावित आर्थिक नुकसान हो सकता है, क्योंकि खाड़ी और उत्तरी अफ्रीकी बाजारों में दवा निर्यात प्रभावित होगा।

India pharmaceutical exports: पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष और बढ़ती वैश्विक ढुलाई लागत से भारतीय दवा उद्योग को गंभीर नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। भारतीय औषधि निर्यात प्रोत्साहन परिषद (फार्मेक्सिल) के चेयरमैन नमित जोशी के अनुसार, मार्च महीने में अगर निर्यात पूरी तरह से प्रभावित होता है तो उद्योग को लगभग 2,500 करोड़ रुपये से 5,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।

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पश्चिम एशिया संकट से भारतीय दवा निर्यात प्रभावित (तस्वीर-istock)

खाड़ी देशों में निर्यात का महत्व

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबकि जोशी ने बताया कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों का हिस्सा भारतीय दवा कंपनियों के कुल निर्यात में करीब 5.58 प्रतिशत है। यह क्षेत्र भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब, ओमान, कुवैत और यमन जैसे देशों में भारतीय सस्ती और जेनेरिक दवाओं की भारी मांग है। उन्होंने यह भी कहा कि जॉर्डन, कुवैत और लीबिया जैसे उभरते बाजारों में भी भारतीय दवा निर्यात लगातार बढ़ रहा है।

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