शेयर बाजार में इस समय IPO की भरमार है, लेकिन हर इश्यू निवेशकों का भरोसा नहीं जीत पा रहा। एक तरफ कुछ कंपनियों में मजबूत सब्सक्रिप्शन और पॉजिटिव GMP दिख रहा है, वहीं कई IPO कमजोर डिमांड से जूझ रहे हैं। मौजूदा ट्रेंड साफ संकेत देता है कि निवेशक अब चुनिंदा और वैल्यू आधारित दांव ही लगा रहे हैं।सब्सक्रिप्शन डेटा और GMP ट्रेंड साफ बता रहे हैं कि किस इश्यू में लिस्टिंग गेन की उम्मीद है और कहां जोखिम ज्यादा है।
इन इश्यूज में है दांव लगाने का मौका
| IPO नाम | कुल सब्सक्रिप्शन (x) | रिटेल (x) | QIB (x) | NII (x) | GMP (₹) | अनुमानित लिस्टिंग |
|---|---|---|---|---|---|---|
| Sai Parenteral | 0.42x | 0.05x | 0.60x | 1.05x | ₹0 | ₹392 (फ्लैट) |
| Powerica | 0.03x | 0.05x | 0.00x | 0.01x | ₹1 | ₹396 (~0.25%) |
| Amir Chand Jagdish Kumar | 1.55x | 0.59x | 0.82x | 5.52x | ₹7 | ₹219 (~3.3%) |
Sai Parenteral IPO
Sai Parenteral IPO में निवेशकों का रुझान काफी ठंडा नजर आ रहा है। दूसरे दिन तक यह इश्यू कुल 0.42 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया है। सबसे ज्यादा निराशा रिटेल कैटेगरी से आई है, जहां महज 0.05 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ। संस्थागत निवेशकों यानी QIB की भागीदारी भी सीमित रही, जिससे इश्यू को मजबूत सपोर्ट नहीं मिल पाया। ग्रे मार्केट प्रीमियम भी शून्य पर बना हुआ है, जो साफ संकेत देता है कि लिस्टिंग पर किसी बड़े गेन की उम्मीद नहीं है।
Powerica IPO
Powerica IPO का प्रदर्शन सबसे कमजोर दिख रहा है। कुल सब्सक्रिप्शन सिर्फ 0.03 गुना है, जो बताता है कि बाजार ने इस इश्यू को लगभग नजरअंदाज कर दिया है। QIB कैटेगरी में लगभग कोई मांग नहीं दिखी, जबकि NII और रिटेल निवेशक भी दूर रहे। GMP केवल ₹1 के आसपास बना हुआ है, जो बेहद सीमित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। कमजोर सब्सक्रिप्शन और सुस्त GMP यह दर्शाते हैं कि निवेशक इस कंपनी के ग्रोथ और वैल्यूएशन को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।
Amir Chand Jagdish Kumar IPO
तीनों IPO में सबसे ज्यादा मजबूती Amir Chand Jagdish Kumar IPO में देखने को मिल रही है। यह इश्यू 1.55 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जो निवेशकों की अच्छी भागीदारी को दिखाता है। खास बात यह है कि NII कैटेगरी में 5 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन आया है, जिससे हाई नेटवर्थ निवेशकों का भरोसा साफ झलकता है। रिटेल निवेशकों की भागीदारी भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। GMP ₹7 के आसपास है, जो करीब 3% से ज्यादा संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है और इस इश्यू को बाकी दोनों से अलग बनाता है।
बाजार का मूड क्या कहता है
तीनों IPO के आंकड़े साफ बताते हैं कि निवेशक अब हर इश्यू में पैसा लगाने के मूड में नहीं हैं। केवल वही कंपनियां ध्यान खींच पा रही हैं, जहां वैल्यूएशन और ग्रोथ की कहानी मजबूत है। कमजोर सब्सक्रिप्शन और फ्लैट GMP वाले IPO संकेत दे रहे हैं कि बाजार अब ज्यादा चयनात्मक हो चुका है। ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि डेटा और डिमांड के आधार पर फैसला लें।
डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
