भारत में डिजिटल क्रांति: 2020 के मुकाबले 4 गुना से ज्यादा बढ़ी डेटा सेंटर कैपेसिटी, इंडियाAI मिशन दे रहा रफ्तार

India Data Centre Capacity: 2020 के बाद भारत की डेटा सेंटर क्षमता 4 गुना बढ़कर 1,575 MW हो गई है। 'इंडिया-AI मिशन' के तहत 10,372 करोड़ रुपये के बजट से कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वदेशी AI विकास को रफ्तार दी जा रही है।

India Data Centre Capacity : भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का दायरा बेहद तेजी से फैल रहा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 के बाद से देश की डेटा सेंटर क्षमता में 4 गुना से भी अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां 2020 में भारत की कुल डेटा सेंटर कैपेसिटी महज 375 मेगावाट (MW) थी, वहीं यह अब बढ़कर करीब 1,575 मेगावाट तक पहुंच गई है। देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल और नई तकनीकों को अपनाने के लिए इस इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार बेहद जरूरी माना जा रहा है।

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देश की डेटा सेंटर क्षमता में 4 गुना से भी अधिक की बढ़ोतरी

इंडिया-AI मिशन से मिला कंप्यूटिंग पावर को बढ़ावा

डेटा सेंटर कैपेसिटी में यह शानदार उछाल 'इंडिया-AI (IndiaAI) मिशन' के तहत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लगातार विस्तार का नतीजा है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य देश के रिसर्चर्स, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराना है। मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक जून 2026 तक शेयर्ड कंप्यूट कैपेसिटी को बढ़ाकर 45,000 से अधिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) तक पहुंचा दिया गया है। इसके साथ ही अगस्त 2026 तक सब्सिडी वाले इस AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ 237 प्रोजेक्ट्स उठा चुके हैं, जिसमें कुल मिलाकर 93.18 लाख GPU आवर्स (घंटे) का इस्तेमाल किया गया है। किफायती दरों पर हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग मिलने से भारतीय स्टार्टअप्स और रिसर्चर्स के लिए AI मॉडल तैयार करना, उनका परीक्षण करना और ट्रेनिंग देना काफी आसान और सस्ता हो गया है।

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