Stock Market Today Sensex Nifty : शेयर बाजार में लगातार 6 कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर शुक्रवार को ब्रेक लगता दिख रहा है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन की शुरुआत में सेंसेक्स 294 अंक और निफ्टी 149 अंक तक लुढ़क गए। हालांकि, रिकवरी भी देखने को मिली है। रिवकरी के बाद Nifty ने 124 अंक की तेजी के साथ 24,660.60 का स्तर छुआ। वहीं, Sensex 616.64 अंक उछलकर 79,926.65 तक पहुंच गया है। हालांकि, ओवरऑल मार्केट में बीते 6 दिनों में जारी जबरदस्त खरीदारी का ट्रेंड थमता हुआ दिख रहा है।
शेयर बाजार में उठा-पटक
मार्केट ब्रेड्थ में भारी कमजोरी दिख रही है। NSE पर 3,154 स्टॉक्स में ट्रेडिंग हो रही है। इनमें से सिर्फ 824 में खरीदारी है। जबकि, 2,236 में बिकवाली हावी है। इसी तरह BSE पर ट्रेड कर रहे 3,562 स्टॉक्स में 1,127 खरीदारी और 2,239 में बिकवाली हावी है।
अमेरिकी बाजारों में AI और टेक शेयरों की भारी बिकवाली, लगातार तेजी के बाद मुनाफावसूली और कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। बाजार की गिरावट के पीछे ये 3 बड़ी वजहें रहीं।
अमेरिकी बाजारों में AI और टेक शेयरों की सुनामी
भारतीय बाजार पर दबाव की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी शेयर बाजारों में आई भारी गिरावट रही। गुरुवार को वॉल स्ट्रीट पर AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। Nasdaq Composite 5.52% टूट गया, जबकि S&P 500 में 4.36% और Dow Jones में करीब 3.44% की गिरावट आई। खासतौर पर AI इन्फ्रास्ट्रक्चर और चिप कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। जापान का Nikkei 225 करीब 6.10%, दक्षिण कोरिया का KOSPI 5.40% और ताइवान का बाजार 5.17% टूट गया। ग्लोबल बाजारों में इस बिकवाली ने भारतीय निवेशकों का भी सेंटीमेंट बिगाड़ दिया।
कच्चा तेल फिर 100 डॉलर के पार
भारतीय बाजार की तेजी के पीछे पिछले दिनों कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी भी एक बड़ी वजह थी। गुरुवार को Brent Crude का भाव करीब 93-96 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गया था। इससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए आर्थिक मोर्चे पर राहत की उम्मीद जगी थी। लेकिन शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी आ गई। सुबह 9:27 बजे Brent Crude करीब 100.15 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इसमें करीब 1.89% की तेजी थी। कच्चे तेल का महंगा होना भारत के लिए चिंता का विषय है। इससे देश का इंपोर्ट बिल बढ़ने, रुपये पर दबाव पड़ने और महंगाई बढ़ने का जोखिम रहता है। इसका असर कंपनियों की लागत और मुनाफे पर भी पड़ सकता है।
6 दिन की तेजी के बाद निवेशकों ने काटा मुनाफा
भारतीय बाजार में गिरावट की दूसरी बड़ी वजह प्रॉफिट बुकिंग रही। पिछले 6 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 6,064 अंक यानी 8.27% चढ़ चुका था। वहीं निफ्टी में करीब 8% की तेजी आई थी। गुरुवार को ही सेंसेक्स 2.60% और निफ्टी 2.40% उछलकर बंद हुए थे। दोनों इंडेक्स ने पिछले 7 महीनों का अपना सबसे शानदार कारोबारी सत्र दर्ज किया था। इस तेजी के कारण कई शेयरों में निवेशकों का मुनाफा काफी बढ़ गया था। ऐसे में ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत मिलते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। बाजार में यह दबाव खासतौर पर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा दिखाई दिया। शुक्रवार सुबह के कारोबार में निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 1.74% और निफ्टी मिडकैप 100 करीब 1.30% नीचे था।
विक्स भी दे रहा अस्थिरता के संकेत
इसके अलावा बाजार की अस्थिरता का संकेत देने वाला India VIX भी शुक्रवार सुबह करीब 6.86% उछलकर 16.65 पर पहुंच गया। इससे निवेशकों में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत मिला।
