Remittance To India:विदेशों में रह रहे भारतीयों ने बीते वर्ष यानी 2023 में 120 अरब डॉलर स्वदेश भेजे है। यह मेक्सिको को इसी अवधि में प्राप्त 66 अरब डॉलर के मुकाबले लगभग दोगुना आंकड़ा है। विश्व बैंक की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।विदेशों से भेजी गयी राशि (रेमिटेंस) प्राप्त करने वालों में चीन (50 अरब डॉलर), फिलिपीन (39 अरब डॉलर) और पाकिस्तान (27 अरब डॉलर) शीर्ष पांच देशों में शामिल हैं। भारत में विदेश से पैसा भेजने के मामले में, साल 2023 के मुकाबले 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा पैसा अमेरिका और खाड़ी देशों में रहन वाले भारतीयों के द्वारा भेजा गया है।
विश्व बैंक रेमिटेंस रिपोर्ट
अमेरिका और UAE से सबसे ज्यादा आया पैसा
विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, बाहर से प्रवासियों के भारत भेजे जाने वाले पैसे के स्रोत के मामले में अमेरिका सबसे आगे रहा है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात दूसरे स्थान पर रहा। उसकी हिस्सेदारी 18 फीसदी रही है। विदेश से धन भेजने में हुई बढ़ोतरी की एक प्रमुख वजह अमेरिका में महंगाई में गिरावट और मजबूत श्रम बाजारों में होने वाली ज्यादा कमाई रही है। अमेरिका, भारत के कुशल प्रवासियों के लिए सबसे बड़ा डेस्टिनेशन है। इसके अलावा कुशल और अर्द्ध कुशल श्रमिकों की खाड़ी देशों (जीसीसी) में मांग से भी धन प्रेषण पर सकारात्मक असर पड़ा।
पाकिस्तान को आर्थिक संकट का नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के मामले में भी विदेशों में मांग अच्छी थी और इससे रेमिटेंस अच्छा हो सकता था लेकिन भुगतान संतुलन संकट तथा आर्थिक कठिनाइयों के कारण कमजोर आंतरिक स्थिति से यह 2023 में 12 प्रतिशत लुढ़क कर 27 अरब डॉलर रहा। वहीं 2022 में उसे 30 अरब डॉलर प्राप्त हुए थे। इसी तरह 2023 में आधिकारिक तौर पर बाहर से भेजे गये पैसे या धन प्रेषण निम्न और मध्यम आय वाले देशों (एलएमआईसी) में कम रहा है। और यह 656 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
