Edible Oil Packaging Rules News : उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने खाद्य तेलों (Edible Oils) की पैकेजिंग और मात्रा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय के लीगल मेट्रोलॉजी विभाग ने नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SoP) जारी करते हुए खाद्य तेलों के लिए मानक पैक साइज (Standard Pack Sizes) तय कर दिए हैं। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाली मनमानी पैकेजिंग पर रोक लगाना और कीमतों की तुलना (Edible Oil Price) आसान बनाना है।
खाद्य तेलों की पैकिंग पर सरकार का बड़ा फैसला, मनमानी पैकेजिंग पर लगेगी रोक (तस्वीर-istock)
नए नियमों के तहत अब सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी, पाम, मूंगफली, तिल, राइस ब्रान, कॉटनसीड और कॉर्न ऑयल जैसे प्रमुख खाद्य तेल केवल तय मानक पैक साइज में ही बेचे जाएंगे। 200 मिली, 500 मिली, 1 लीटर, 2 लीटर, 3 लीटर, 4 लीटर, 5 लीटर, 15 लीटर और 20 लीटर जैसे पैक साइज को मानक माना गया है। 200 मिली या 200 ग्राम से कम पैक पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि तेल की मात्रा लीटर या मिलीलीटर में लिखी जाएगी तो उसके साथ वजन (किलोग्राम/ग्राम) भी अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। साथ ही पैकेज पर यूनिट सेल प्राइस (प्रति ग्राम या प्रति लीटर कीमत) की जानकारी देना भी जरूरी रहेगा, जिससे उपभोक्ता अलग-अलग ब्रांडों की कीमतों की आसानी से तुलना कर सकेंगे।
मंत्रालय का कहना है कि उद्योग और उपभोक्ताओं से मिले सुझावों के बाद यह फैसला लिया गया है। इससे बाजार में 850 मिली, 910 मिली या अन्य असामान्य पैकिंग के जरिए होने वाली भ्रम की स्थिति कम होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। यह नियम घरेलू और आयातित दोनों तरह के खाद्य तेलों पर लागू होंगे।
निर्माताओं, पैकर्स और आयातकों को नए मानकों को अपनाने के लिए तीन महीने की संक्रमण अवधि (Transition Period) दी गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से उपभोक्ताओं को सही कीमत का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी और बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।
