भारतीय बैंक तेजी से अपना रहे हैं AI, क्रेडिट, प्रोडक्टिविटी और रिस्क पर ध्यान केंद्रित

AI in Banking: फिक्की-बीसीजी की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बैंक एआई के प्रयोग से आगे बढ़कर इसे मुख्य परिचालन में लागू कर रहे हैं। इससे लोन प्रक्रिया आसान होगी, उत्पादकता बढ़ेगी और साइबर सुरक्षा मजबूत होगी।

AI in Banking : भारत का बैंकिंग क्षेत्र अब जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) के शुरुआती प्रयोगों (एक्सपेरिमेंट) से आगे बढ़कर इसे अपनी मुख्य परिचालन प्रणालियों में बड़े पैमाने पर लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। FIBAC 2026 में फिक्की (FICCI), बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) द्वारा संयुक्त रूप से जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में इन पहलों को बड़े पैमाने पर लागू करना बैंकों के लिए सबसे मुख्य चुनौती बनी हुई है।

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भारतीय बैंक एआई के प्रयोग से आगे बढ़े

बैंकिंग क्षेत्र के चार प्रमुख AI प्राथमिकताएं

रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र का एआई प्लेबुक चार मुख्य प्राथमिकताओं पर केंद्रित हो रहा है। ऋण (क्रेडिट) तक आसान पहुंच बनाना, कर्मचारियों की उत्पादकता को बढ़ाना, उन्नत जोखिम प्रबंधन क्षमताओं का निर्माण करना और एआई-संचालित ग्राहक सहभागिता का विस्तार करना। आंकड़ों के मुताबिक, उन बैंकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है जो जनरेटिव एआई के इस्तेमाल को अपने कामकाज में लागू कर रहे हैं। भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए जनरेटिव एआई अब उनकी टॉप-3 रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल हो चुका है। हालांकि, डेटा और इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी, कुशल प्रतिभा की कमी, नियामकीय और गवर्नेंस संबंधी चिंताएं तथा निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को लेकर अनिश्चितता इसके व्यापक विस्तार में मुख्य बाधाएं हैं।

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