इंटरनेशनल मार्केट में हर दूसरी एयरलाइन होगी भारतीय, 300 हो गए रूट, इन देशों में जाना हुआ आसान

Indian aviation industry: भारत को पर्यटन का केंद्र बनाने पर सरकार के ध्यान देने से भी हवाई यातायात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय एयरलाइन ने पिछले 15 महीनों में 55 नए अंतरराष्ट्रीय मार्ग जोड़े हैं, जिससे उनकी संख्या 300 से अधिक हो गई है। क्रिसिल के मुताबिक, इनमें अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के लोकप्रिय लंबी दूरी के गंतव्यों के लिए सीधी उड़ानें शामिल हैं। इससे उड़ान का समय प्रभावी रूप से कम हुआ और किसी अन्य देश में रुकने की आवश्यकता भी खत्म हुई है।

Indian aviation industry: भारतीय एयरलाइन कंपनियां वित्त वर्ष 2027-28 तक देश के अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात की 50 प्रतिशत जरूरत को पूरा करने में सक्षम होंगी। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने सोमवार को यह अनुमान लगाया है। एजेंसी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात में भारतीय एयरलाइन कंपनियों की हिस्सेदारी (जिसमें देश से होकर गुजरने वाला यातायात भी शामिल है) 2027-28 तक 50 प्रतिशत हो जाएगी, जो पिछले वित्त वर्ष में 43 प्रतिशत थी।

What is the market size of airline industry in India

भारतीय एयरलाइन कंपनियों की व्यावसायिक स्थिति मजबूत होगी

क्रिसिल रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह सुधार भारतीय एयरलाइन द्वारा अतिरिक्त विमानों की तैनाती और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में नए मार्ग जोड़ने के साथ-साथ विदेशी एयरलाइन की तुलना में बेहतर घरेलू संपर्क के बल पर होगा। रिपोर्ट में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय यातायात में उनकी बढ़ती हिस्सेदारी के चलते भारतीय एयरलाइन कंपनियों की व्यावसायिक स्थिति मजबूत होगी, जो घरेलू क्षेत्र की तुलना में अधिक लाभदायक है।

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