India Security Market: बायोमेट्रिक और सर्विलांस प्रोडक्ट की मांग में इजाफा होने के कारण भारत का सिक्योरिटी मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की ओर से यह जानकारी दी गई। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा और उच्च गुणवत्ता के लिए सरकार की ओर से नियमों को बनाया जाना आवश्यक है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
इन्फॉरमा मार्केट्स की ओर से आयोजित किए गए सिक्योरिटी और फायर एक्सपो में टीपी-लिंक कंज्यूमर के उपाध्यक्ष बिजॉय अलायलो ने कहा कि इस दशक में भारत का सर्विलांस मार्केट 16 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से बढ़ेगा। इसकी वजह टेक्नोलॉजी में साल-दर-साल आने वाला बदलाव है।
सर्विलांस टेक्नोलॉजी में एआई का इस्तेमाल
उन्होंने आगे कहा कि सर्विलांस टेक्नोलॉजी में एआई को लागू करने की संभावनाएं असीमित हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा और क्वालिटी गुणवत्ता के लिए सरकार को नियम बनाने होंगे। भारत में मौजूदा समय में सर्विलांस मार्केट की वैल्यू करीब 4.3 अरब डॉलर की है और इसका आकार 2029 तक बढ़कर 15 अरब डॉलर तक हो सकता है।
वीडियो सर्विलांस सिस्टम में भी बड़ा बदलाव आया
इंडस्ट्री के जानकारों की मानें तो भारत के वीडियो सर्विलांस सिस्टम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। मार्केट में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) के इंटीग्रेशन वाले आईपी कैमरों का चलन बढ़ रहा है। प्रामा हिकविजन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ आशीष पी. ढाकन का कहना है कि भारत के सिक्योरिटी मार्केट में विकास की काफी संभावनाएं हैं। एआई, आईओटी और बिग डेटा के कारण टेक्नोलॉजी में बड़ा बदलाव आ रहा है।
एआई और आईओटी टेक्नोलॉजी
भारत में इन्फॉरमा मार्केट्स के एमडी योगेश मुद्रा ने कहा कि एआई और आईओटी जैसे टेक्नोलॉजी आने से भारत में स्मार्ट सर्विलांस का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। 2025 तक भारत में एआई का मार्केट 8 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। एआई में बायोमेट्रिक सिक्योरिटी, खतरे को जांचने और अनियमित व्यवहार को पकड़ने की क्षमता है। यह अपराध को रोकने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
इनपुट-IANS
