India Q3 GDP Data: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के लिए GDP आंकड़े जारी किए, जिसमें विकास दर 6.2% रही। यह दूसरी तिमाही के 5.6% से ज्यादा है, लेकिन अनुमानित 6.3% से थोड़ी कम रही। इसके बावजूद, पूरे साल की विकास दर 6.5% बनाए रखने में मदद मिलेगी।
जीडीपी ग्रोथ में तेजी
क्या कहते हैं Q3 GDP के आंकड़े
सरकार ने पिछले वित्तीय वर्षों के विकास दर अनुमानों में भी बदलाव किया है। FY 2023-24 की वृद्धि दर 8.2% से बढ़ाकर 9.2% कर दी गई है, जबकि FY 2022-23 की दर 7% से बढ़ाकर 7.6% कर दी गई। मौजूदा वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में 6.4% की वृद्धि की संभावना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैक्स सुधार और नीतिगत फैसलों से भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहेगी, भले ही वैश्विक चुनौतियां बनी रहें।सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था का कुल आकार अब ₹47.17 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। अगर मुद्रास्फीति (महंगाई) को भी ध्यान में रखें तो GDP 9.9% की दर से बढ़ी है। वहीं, देश के कुल उत्पादन को दर्शाने वाला GVA भी 6.2% बढ़ा है। पिछली तिमाही के GDP ग्रोथ को पहले 5.4% बताया गया था, लेकिन अब इसे सुधारकर 5.6% कर दिया गया है।
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कृषि क्षेत्र की ग्रोथ 5.6% रही, जो अच्छी खबर है। हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार थोड़ी धीमी होकर 3.5% रह गई। होटल, परिवहन और संचार जैसे सेक्टर भी पहले की तुलना में थोड़े सुस्त हुए और 6.7% की दर से बढ़े। इस दौरान आम लोगों का खर्च 6.9% बढ़कर ₹28.10 लाख करोड़ तक पहुंच गया, लेकिन सरकार का खर्च 8.3% घट गया, जिससे कुछ सेक्टर्स पर असर पड़ा।
मार्केट का रहा बुरा हाल
मार्केट के लिए फरवरी का महीना काफी निराशाजनक रहा। सेंसेक्स, निफ्टी जून 2024 के निचले स्तर पर पहुंच गए और 4 जून 2024 के बाद पहली बार निफ्टी 22,200 से नीचे बंद हुआ। कोविड के बाद यह पहला मौका है जब निफ्टी ने लगातार पांचवें महीने नुकसान दर्ज किया। निफ्टी इस सप्ताह 2% नीचे बंद हुआ। सेंसेक्स भी 9 महीने के निचले स्तर 73,198 के करीब बंद हुआ। इस सप्ताह बेंचमार्क 30-स्टॉक इंडेक्स में करीब 3% की गिरावट आई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से करीब 4% दूर हैं।
