भारत आर्थिक क्षेत्र के सभी साझेदारों के लिए खुला, वैश्विक कर्ज चिंताओं को लेकर सतर्क: अश्विनी वैष्णव

मंत्री ने कहा, 'जब कर्ज के ये पहाड़ ढहेंगे, तब यह समझना जरूरी होगा कि भारत जैसे देशों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।” उन्होंने कहा, “अच्छी बात यह है कि भारत ने जानबूझकर अपने डॉलर कर्ज को कम रखा है और देश का कर्ज मुख्य रूप से रुपये में ही है।'

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने आर्थिक परिदृश्य के सभी क्षेत्रों में साझेदारी के लिए अपनी स्पष्ट इच्छा जाहिर की है और वैश्विक कर्ज से जुड़ी चिंताओं के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। वैष्णव ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि यहां मौजूद सभी 10 राज्यों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए सहकारी एवं प्रतिस्पर्धी संघवाद के मंत्र के अनुरूप अपनी संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है।

Ashwini Vaishnaw (2)

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऊर्जा के स्तर पर भी बड़े नवाचार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, “यहां भारत का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री ने पिछले 11 वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था को किस तरह बदला और (क्षेत्रों के लिए) खोला है। इस बार का संदेश है कि भारत के साथ साझेदारी करें और भविष्य से जुड़ें।” मंत्री ने कहा कि भारत ने दुनिया को यह भी बताया है कि वह नए विचारों के लिए भी खुला है। उन्होंने कहा, “ चाहे सेमीकंडक्टर उद्योग हो, कृत्रिम मेधा (एआई) हो, विनिर्माण हो, हरित ऊर्जा हो या कोई अन्य क्षेत्र...हम हर जगह दुनिया के साथ साझेदारी करना चाहते हैं।”

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