Tariff War: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के बारे में महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का अमेरिका के उत्पादों पर लागू शुल्क सिर्फ 7 से 8 प्रतिशत है, जो बहुत अधिक नहीं है। यह बयान अमेरिका द्वारा भारत पर हाल ही में 26 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने के बाद आया है। गोयल ने इस शुल्क विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत का मानना है कि वह उन देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते कर सकता है जो निष्पक्ष व्यापार गतिविधियों का पालन करते हैं।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल
गोयल ने चीन के व्यापारिक तरीकों पर भी हमला किया और कहा कि चीन के अनुचित तरीकों ने दुनिया को इस मोड़ पर ला खड़ा किया है। उन्होंने चीन की कार विनिर्माण कंपनी BYD के भारत में प्रवेश को नकारते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति में यह स्वागत-योग्य नहीं है। भारत का मानना है कि निष्पक्ष व्यापार करने वाले देशों के साथ साझेदारी से व्यापारिक संबंधों को मजबूती दी जा सकती है।
पीयूष गोयल ने वैश्वीकरण के बारे में भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हम वैश्वीकरण से अलग होने के युग में नहीं बल्कि पुनःवैश्वीकरण के युग में हैं। उनका मानना है कि अगर निष्पक्ष व्यापार गतिविधियों का पालन करने वाले देशों का समूह एकजुट होता है, तो यह भारत के लिए एक अवसर प्रदान कर सकता है।
अंत में गोयल ने भारत के शुल्क नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि यह निष्पक्ष व्यापार और डंपिंग के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए जरूरी है। भारत का उद्देश्य अपने व्यापारिक हितों को सुरक्षित रखना है, और इसके लिए वह निरंतर विश्व स्तर पर अपनी नीतियों में सुधार करता रहेगा।
