Solar Power Market: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार (03 मई 2026) को कहा कि भारत ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि देश अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाजार बन गया है। साथ ही, भारत ने 2025 तक वार्षिक क्षमता बढ़ोतरी के मामले में अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। यह जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर साझा की। उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और तेजी से बढ़ती सौर क्षमता के आंकड़े दिखाए गए हैं।
भारत की सौर ऊर्जा में बड़ी छलांग: क्षमता 155 गीगावाट के पार, वैश्विक स्तर पर दूसरा स्थान (तस्वीर-istock/X)
भारत की सौर ऊर्जा क्षमता में तेज वृद्धि
वीडियो में बताया गया कि वर्ष 2014 में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता केवल 2.8 गीगावाट थी। लेकिन आज यह बढ़कर 155 गीगावाट से भी अधिक हो गई है। यह करीब 5,370 प्रतिशत की भारी वृद्धि को दर्शाता है। इस तेजी से हुई बढ़ोतरी को सरकार ने देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की नीतियों और बड़े स्तर पर सौर परियोजनाओं के विस्तार का परिणाम बताया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सोलर पैनल लगाने, सोलर पार्क बनाने और निजी निवेश बढ़ने से यह विकास संभव हुआ है।
वैश्विक स्थिति और भारत की भूमिका
भारत अब सौर ऊर्जा उत्पादन के मामले में दुनिया के टॉप देशों में शामिल हो गया है। मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का दावा है कि देश ने न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाई है, बल्कि सौर ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया है। इससे ऊर्जा की लागत कम करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है।
स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं
वीडियो में यह भी कहा गया कि भारत ने 50 प्रतिशत से अधिक स्वच्छ ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य पहले ही पूरा कर लिया है। इसके साथ ही, देश ने अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) लक्ष्यों को समय से पहले हासिल कर लिया है। ये एनडीसी लक्ष्य पेरिस समझौता के तहत तय किए गए थे। यह समझौता जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए देशों द्वारा स्वैच्छिक रूप से तय की गई योजनाओं पर आधारित है। भारत स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धताओं को लगातार मजबूत कर रहा है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का असर
सरकार की एक प्रमुख योजना प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भी इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत अब 40 लाख से अधिक घरों में सौर ऊर्जा से बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर लोगों को मुफ्त या सस्ती बिजली उपलब्ध कराना है। इससे न केवल बिजली बिल कम हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग भी बढ़ रहा है।
भारत की सौर ऊर्जा यात्रा पिछले एक दशक में बेहद तेज रही है। 2.8 गीगावाट से 155 गीगावाट तक की यह छलांग देश की नीतियों, निवेश और तकनीकी विकास का परिणाम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा बाजार में और मजबूत भूमिका निभा सकता है।
