India Afghanistan Trade : भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। विश्व बैंक के अनुसार, अफगानिस्तान के कुल निर्यात (Afghan Exports) का करीब 43 प्रतिशत हिस्सा भारत को भेजा जाता है। इस तरह भारत अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़ा निर्यात बाजार बन गया है। भारत ने अफगान उत्पादों को अपने बाजार में बिना किसी आयात शुल्क (टैरिफ) के प्रवेश की सुविधा दी है, जिससे अफगान व्यापारियों को बड़ा लाभ मिल रहा है।
अफगानिस्तान के लिए भारत बना सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार
व्यापार बढ़ाने के लिए शुरू किया गया एयर कार्गो कॉरिडोर
दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने के लिए भारत ने एक विशेष एयर कार्गो कॉरिडोर भी शुरू किया है। इस व्यवस्था के जरिए अफगानिस्तान के व्यापारी अपने उत्पाद सीधे हवाई मार्ग से भारत भेज सकते हैं। इससे सामान की ढुलाई तेज हुई है और व्यापार को नई गति मिली है। भारत का मानना है कि यह पहल अफगान अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
अफगान व्यापारियों को मिल रहे हैं लॉन्गटर्म वीजा
भारत अफगान व्यापारियों को बड़ी संख्या में मुफ्त लॉन्ग टर्म बिजनेस वीजा भी जारी कर रहा है। इससे अफगान कारोबारी भारत में आसानी से आकर व्यापारिक गतिविधियां कर सकते हैं। भारत का कहना है कि वह अफगानिस्तान के आर्थिक विकास और वहां के व्यापारियों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
पाकिस्तान की नीतियों से बढ़ी अफगान व्यापारियों की मुश्किलें
भारत ने कहा है कि पाकिस्तान द्वारा अफगान व्यापार को अपने रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं देने के कारण अफगान व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अफगानिस्तान एक स्थल-रुद्ध (लैंडलॉक्ड) देश है, जिसकी समुद्र तक सीधी पहुंच नहीं है। ऐसे में पड़ोसी देशों के व्यापारिक मार्ग उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारत का मानना है कि व्यापार मार्गों को बंद करना अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना के खिलाफ है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का आरोप
भारत ने पाकिस्तान के इस कदम को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के विपरीत बताया है। भारत का कहना है कि समुद्र तक सीधी पहुंच न रखने वाले देशों को व्यापार के लिए उचित मार्ग उपलब्ध कराना अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र की भावना के अनुरूप है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर ध्यान देने और ऐसी नीतियों की निंदा करने की अपील की है।
संयुक्त राष्ट्र पर पाकिस्तान की टिप्पणी की भी आलोचना
भारत ने पाकिस्तान के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उसने संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) और संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय संस्थाओं का समर्थन केवल सुविधानुसार नहीं किया जा सकता। भारत के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की विश्वसनीयता और निष्पक्षता का सम्मान किया जाना चाहिए, ताकि वैश्विक स्तर पर सहयोग और स्थिरता बनी रहे।
