भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 6.6 से 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान: रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया कि बाहरी अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू आर्थिक बुनियाद और निजी क्षेत्र की निरंतर सक्रियता के कारण उल्लेखनीय मजबूती दिखा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा बाजारों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बनने से आपूर्ति संबंधी दबाव कम होंगे।

वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत बनी हुई है। इसी वजह से वित्तीय सेवा कंपनी ईवाई (EY) ने अनुमान लगाया है कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.6 से 6.8 प्रतिशत के बीच रह सकती है। 'ईवाई इकॉनमी वॉच' शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत निचले स्तर पर स्थिर रहती हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य हो जाती है, तो भारत की आर्थिक वृद्धि की सकारात्मक गति फिर से मजबूत हो सकती है।

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भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं। (फोटो क्रेडिट-iStock)

रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.6 से 6.8 प्रतिशत, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत, बाजार मूल्य पर जीडीपी वृद्धि 12.5 प्रतिशत, केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत तथा चालू खाते का घाटा जीडीपी का 1.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

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