एशिया की आर्थिक वृद्धि को भारत और चीन रफ्तार देंगे। यह अनुमान एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की ओर से लगाया गया है। मंगलवार (चार अप्रैल, 2023) को जारी एडीबी की एक रिपोर्ट में कहा गया गया कि भारत में मजबूत मांग और चीन का कोरोना वायरस महामारी से निकलकर बाहर आना इस साल एशिया में मजबूत आर्थिक वृद्धि के कारक होंगे। एशिया इस साल और अगले साल 4.8 फीसदी की दर से बढ़ेगा, जो वर्ष 2022 के 4.2 प्रतिशत से ज्यादा है।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
ताजा अनुमान में एडीबी की ओर से यह भी बताया गया कि इस साल मुद्रास्फीति में कमी आने के आसार हैं। यह 2024 में और भी कम होगी। हालांकि, संस्थान के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि तेल उत्पादक देशों की तरफ से उत्पादन में कमी के फैसले की वजह से तेल के दामों में तेजी आ सकती है, जिससे मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ेगा जो क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।
#ADBNews: Economic growth in Asia and the Pacific remains resilient despite multiple challenges, according to ADB’s… t.co/3jL55AgnFU
— ANI (@ANI) Apr 4, 2023
वैसे, बैंक की रिपोर्ट का विश्लेषण इस अनुमान पर आधारित है कि ब्रेंट क्रूड तेल इस वर्ष 88 डॉलर प्रति बैरल और अगले वर्ष 90 डॉलर प्रति बरैल रहेगा। तेल के दाम इस स्तर के नीचे ही बने हुए थे। एक रोज पहले यानी सोमवार (तीन अप्रैल, 2023) को यह 83 डॉलर प्रति बैरल था, पर सऊदी अरब समेत प्रमुख तेल उत्पादक देशों की ओर से उत्पादन में कमी करने की घोषणा के बाद दामों में पांच प्रतिशत की तेजी आई।
#ADBNews: ADB forecasts faster growth for economies in Asia and the Pacific due to increasing consumption, tourism,… t.co/iMD5JXyvci
— ANI (@ANI) Apr 4, 2023
एडीबी ने संभावना जताई है कि चीन की अर्थव्यवस्था इस साल पांच फीसदी और अगले साल 4.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। चूंकि, 2022 में यह तीन फीसदी थी, जबकि भारत की अर्थव्यवस्था के इस साल 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। 2021 में यह आंकड़ा 9.1 प्रतिशत और 2022 में यह 6.8 प्रतिशत था। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
