ITR Filing FY24 Last Date: नई ई-पे टैक्स सर्विस (e-Pay Tax Service) के तहत ई-फाइलिंग साइट को चालान (सीआरएन) प्रोडक्शन, पेमेंट और पेमेंट हिस्ट्री ट्रैकिंग सहित डायरेक्ट टैक्स पेमेंट-रिलेटेड एक्शन की सुविधा दी गई है। टैक्सपेयर्स को पेमेंट के लिए नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, बैंक काउंटर पर पेमेंट सहित कई तरीकों की पेशकश की गई है। जिन बैंकों को ई-पे टैक्स सर्विस के तहत टैक्स पेमेंट के लिए अथॉराइज्ड किया गया है, उन बैंकों की लिस्ट आयकर विभाग ने जारी की है। आगे देखें इन बैंकों की लिस्ट।
ऑनलाइन टैक्स पेमेंट के लिए जारी हुई बैंकों की लिस्ट
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क्या है e-Pay Tax service
नई ई-पे टैक्स सर्विस के तहत, डायरेक्ट टैक्स के पेमेंट से जुड़ी गतिविधियों की पूरी चेन, चालान (सीआरएन) जनरेट करने से लेकर पेमेंट करने और पेमेंट हिस्ट्री के रिकॉर्ड तक ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिए होती है। ये सुविधा अथॉराइज्ड बैंकों के लिए है।
सरकारी बैंकों की लिस्ट
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- बैंक ऑफ इंडिया
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र
- केनरा बैंक
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
- इंडियन बैंक
- इंडियन ओवरसीज बैंक
- पंजाब एंड सिंध बैंक
- पंजाब नेशनल बैंक
- भारतीय स्टेट बैंक
- यूको बैंक
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
प्राइवेट बैंकों की लिस्ट
- धनलक्ष्मी बैंक
- एक्सिस बैंक
- बंधन बैंक
- सिटी यूनियन बैंक
- डीसीबी बैंक
- फेडरल बैंक
- एचडीएफसी बैंक
- आईसीआईसीआई बैंक
- आईडीबीआई बैंक
- इंडसइंड बैंक
- जम्मू एवं कश्मीर बैंक
- करूर वैश्य बैंक
- कोटक महिंद्रा बैंक
- कर्नाटक बैंक
- आरबीएल बैंक
- साउथ इंडियन बैंक
चालान जनरेट करना जरूरी
ई-पे टैक्स सर्विस में ई-फाइलिंग पोर्टल पर डायरेक्ट टैक्स के भुगतान के लिए चालान जनरेट करना जरूरी है। ऐसे हर जनरेट किए गए चालान के साथ एक यूनीक चालान रेफ्रेंस नंबर (सीआरएन) होता है। टैक्स पेमेंट पूरी होने पर, एक चालान रिसीट जनरेट होती है।
उसमें चालान आइडेंटिफिकेशन नंबर (सीआईएन), बीएसआर कोड और भुगतान की तारीख और अन्य जानकारी शामिल होती है। इसके साथ ही, सीआरएन स्टेटस को "पेमेंट हिस्ट्री" टैब के तहत "PAID" के रूप में भी अपडेट किया जाएगा।
