Section 123 in New Income Tax Bill: हाल ही में नये आयकर विधेयक (आईटीबी) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 फरवरी को संसद में पेश किया। इस नए बिल का मकसद टैक्स रेट या स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव करने के बजाय जटिल टैक्स प्रोविजंस को सिम्पल बनाना, अनावश्यक कानूनों को सरल बनाना और समाप्त करना है। मौजूद आयकर अधिनियम, जो 1961 से लागू है और 01.04.1962 को लागू हुआ था, पिछले कई वर्षों में कई फाइनेंस अधिनियमों के जरिए 4000 से अधिक बदलावों के साथ लगभग 65 संशोधनों से गुजरा है। इस अधिनियम की धारा 80सी बहुत अहम रही है, जिसके तहत 1.5 लाख रु तक की डिडक्शन का फायदा मिलता है।
नए आयकर विधेयक में धारा 80सी होगी धारा 123
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80सी अब होगी 123
नए आयकर विधेयक में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सी के तहत कटौती के संबंध में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। इन कटौतियों को एक नई धारा, यानी धारा 123 में ट्रांसफर कर दिया गया है। इस कदम के बावजूद, टैक्सपेयर अभी भी एक टैक्स ईयर में 1.5 लाख रुपये तक की कटौती का लाभ उठा सकते हैं।
एक जगह होंगी सारे पात्र सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट्स
नई धारा 123 के तहत कटौती के लिए पात्र सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट्स की एक लिस्ट अनुसूची XV में मिल सकती है। पहले, धारा 80C के तहत कटौती पूरे सेक्सन में बिखरी हुई थी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने प्रस्तावित अनुसूची XV में सभी पात्र बचत साधनों को समेकित करके इस प्रक्रिया को सरल बना दिया है।
आयकर विधेयक 2025 में पुनर्गठित प्रणाली का मकसद टैक्सपेयर्स के लिए डिडक्शन प्रोसेस को सुव्यवस्थित करना, पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है।
